Faridabad Smart City Questioned City Grappling With Garbage And Sewer Problems
कोई बोले यहां गंदगी है बड़ी, तो कोई बोले शहर में बड़ा है दम
नवभारत टाइम्स•
फरीदाबाद की गंदगी और सीवर की समस्या सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। डबुआ सब्जी मंडी और एनआईटी की गलियों की तस्वीरें शहर की 'स्मार्ट सिटी' वाली छवि पर सवाल उठा रही हैं। लोग प्रशासन की सुस्ती और बुनियादी ढांचे की विफलता पर रोष जता रहे हैं।
फरीदाबाद की 'स्मार्ट सिटी' वाली छवि पर सोशल मीडिया पर चल रही बदहाली की तस्वीरों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। डबुआ सब्जी मंडी में कूड़े के ढेर और एनआईटी की गलियों में बहता सीवर का गंदा पानी लोगों के गुस्से का कारण बन रहा है। इस मुद्दे पर शहरवासियों और विशेषज्ञों के बीच दो राय हैं। एक पक्ष जहां व्यवस्था को जिम्मेदार ठहरा रहा है, वहीं दूसरा पक्ष फरीदाबाद की खूबियों को भी गिना रहा है, जो इसे एनसीआर का एक अहम औद्योगिक और रहने लायक शहर बनाते हैं।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर फरीदाबाद की खराब हालत की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं। इन पोस्ट्स में शहर के मुख्य चौराहों पर लगे कूड़े के बड़े-बड़े ढेर दिखाई दे रहे हैं। एनआईटी इलाके की कॉलोनियों में सीवर का पानी सड़कों पर इस कदर बह रहा है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। सड़कों पर बने गड्ढों और जलभराव के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।सोशल मीडिया पर लोग प्रशासन की सुस्ती और बुनियादी ढांचे की कमी पर गहरा रोष जता रहे हैं। 'एक्स' (X) पर 'Biased Indian' जैसे हैंडल से तंज कसते हुए पूछा जा रहा है कि क्या यही वो 'स्मार्ट सिटी' है जिसका सपना दिखाया गया था? कुछ अन्य यूजर्स ने भी अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। जित्ते नाम के एक एक्स हैंडल पर कूड़े के ढेर की चार तस्वीरें पोस्ट की गई हैं। इन तस्वीरों के साथ व्यंग्य करते हुए लिखा गया है कि ये फोटो बांग्लादेशी लोग फैला रहे हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
इन 'निगेटिव' ट्रेंड्स के बीच, कुछ लोग फरीदाबाद की उन खूबियों को भी याद दिला रहे हैं जो इसे एनसीआर का एक बेहतरीन शहर बनाती हैं। उनका कहना है कि फरीदाबाद सिर्फ गंदगी और टूटी सड़कों का शहर नहीं है। यह एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र है और रहने के लिए भी एक अच्छा शहर है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें और लोगों का दर्द इस बात की ओर इशारा करता है कि शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार की सख्त जरूरत है। बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या भी एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।