'NCERT की सामाजिक विज्ञान की किताब का न हो उपयोग'

नवभारत टाइम्स

सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कक्षा 8 की NCERT की सामाजिक विज्ञान की नई किताब पर तत्काल रोक लगा दी है। सभी शिक्षा अधिकारियों को किताब को जब्त करने और इसके उपयोग को तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया है। स्कूलों में किताब का वितरण न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा।

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सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कक्षा 8 की NCERT की सामाजिक विज्ञान की किताब 'Exploring Society: India and Beyond (Part-2)' को तुरंत जब्त करने और इसके इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश दिया है। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी शिक्षा अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने और 9 मार्च तक अनुपालन रिपोर्ट सौंपने को कहा है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा किताब के न्यायपालिका से जुड़े कुछ अंशों पर नाराजगी जताने और स्वत: संज्ञान लेते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने के बाद उठाया गया है।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने इस किताब में न्यायपालिका के बारे में दी गई कुछ जानकारियों पर गहरी आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए किताब पर फौरन रोक लगाने का फैसला सुनाया। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने हर राज्य के शिक्षा विभाग से इस आदेश के पालन की रिपोर्ट भी मांगी थी। इसी के चलते यूपी सरकार ने भी तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक पार्थ सारथी सेन शर्मा ने साफ कहा है कि किसी भी स्कूल में इस किताब का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। अगर किसी भी स्कूल में यह किताब पाई जाती है, तो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निदेशालय, मंडल और जिले के सभी शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और केंद्र सरकार के निर्देशों का अक्षरशः पालन करें।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि किताब का इस्तेमाल कहीं भी न हो, सरकार ने सभी शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि वे इस पर कड़ी नजर रखें। अगर किसी भी स्कूल में यह किताब बच्चों को पढ़ाई जा रही है या बांटी गई है, तो तुरंत उसे जब्त किया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। इस पूरे मामले की रिपोर्ट 9 मार्च तक सरकार को सौंपी जानी है, ताकि यह पता चल सके कि आदेशों का कितनी अच्छी तरह से पालन हुआ है।