Ghaziabad Holi Festivals Third Day At Dudheshwar Nath Math Thousands Of Saints From Across The Country Partake Prasad In Saint Bhandara
भंडारे में देशभर से आए हज़ारों संतों ने ग्रहण किया प्रसाद
नवभारत टाइम्स•
गाजियाबाद के श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में होली महोत्सव का तीसरा दिन संत भंडारे के नाम रहा। देशभर से आए हजारों संतों ने प्रसाद ग्रहण किया। इससे पहले होलिका दहन और पंखा शोभा यात्रा निकाली गई थी। महोत्सव का समापन कढ़ी पकौड़ी के आयोजन से होगा। यह आयोजन भक्तों के लिए विशेष रहा।
गाजियाबाद के सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में चार दिवसीय होली महोत्सव का तीसरा दिन गुरुवार को संत भंडारे के साथ यादगार बन गया। इस भंडारे में देश भर से आए करीब एक हजार संतों ने प्रसाद ग्रहण किया। होली महोत्सव की शुरुआत मंगलवार को होलिका दहन से हुई थी, जिसमें महाशिवरात्रि पर भगवान दूधेश्वर को चढ़ाए गए बेल पत्र और फूल होलिका मैया को समर्पित किए गए थे। बुधवार को इन पवित्र भस्म को मंदिर से निकली पंखा शोभा यात्रा में भक्तों को प्रसाद के रूप में बांटा गया। गुरुवार को जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में हुए इस संत भंडारे से पहले, जगतगुरू शंकराचार्य, मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज और अन्य गणमान्य लोगों ने भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना की और उनका अभिषेक किया। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने भंडारे में आए सभी संतों को दक्षिणा भी भेंट की। शुक्रवार को ‘कढ़ी पकौड़ी बेसन की, गाड़ी पकड़ो टेशन की’ जैसे मजेदार आयोजन के साथ इस होली महोत्सव का समापन होगा।
यह चार दिवसीय होली महोत्सव भक्तों और संतों के लिए आस्था और उल्लास का संगम रहा है। होलिका दहन में जहां पवित्रता का संदेश था, वहीं पंखा शोभा यात्रा में भक्तों का उत्साह देखने लायक था। बुधवार को निकली पंखा शोभा यात्रा में भक्तों ने बड़े ही हर्षोल्लास के साथ भाग लिया। इस यात्रा में भगवान दूधेश्वर को चढ़ाए गए बेल पत्र और फूलों की भस्म को प्रसाद के रूप में बांटा गया, जिसे पाकर भक्त धन्य हो गए।गुरुवार को आयोजित संत भंडारा इस महोत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। उन्होंने और मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने मिलकर भगवान दूधेश्वर की विशेष पूजा की और अभिषेक किया। इस दौरान मंदिर का माहौल भक्तिमय हो गया था।
संत भंडारे में देश के कोने-कोने से आए करीब एक हजार संत शामिल हुए। सभी ने मिलकर प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने सभी संतों का आभार व्यक्त किया और उन्हें दक्षिणा भेंट की। यह दक्षिणा संतों के प्रति मंदिर प्रबंधन का सम्मान था।
शुक्रवार को होली महोत्सव का समापन एक अनोखे और मनोरंजक आयोजन के साथ होगा। ‘कढ़ी पकौड़ी बेसन की, गाड़ी पकड़ो टेशन की’ जैसे नारे के साथ होने वाला यह आयोजन निश्चित रूप से सभी को हंसाएगा और होली के उल्लास को दोगुना कर देगा। यह आयोजन होली के रंग में रंगने का एक और मौका देगा।