Ghaziabad Holi Festivals Third Day At Dudheshwar Nath Math 1000 Saints Participate In Sant Bhandara
होली महोत्सव के तीसरे दिन संत भंडारे का किया आयोजन
नवभारत टाइम्स•
गाजियाबाद के सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में होली महोत्सव का तीसरा दिन संत भंडारे के साथ मनाया गया। देशभर से आए संतों ने प्रसाद ग्रहण किया। होलिका दहन के बाद भस्म का वितरण हुआ। आज जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में भंडारा संपन्न हुआ। कल कढ़ी पकौड़ी के आयोजन से महोत्सव का समापन होगा।
गाजियाबाद के सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में चार दिवसीय होली महोत्सव का तीसरा दिन गुरुवार को संत भंडारे के साथ यादगार बन गया। इस भंडारे में देश भर से आए करीब एक हजार संतों ने प्रसाद ग्रहण किया। होली महोत्सव की शुरुआत मंगलवार को होलिका दहन से हुई थी, जिसमें महाशिवरात्रि पर भगवान दूधेश्वर को चढ़ाए गए बेल पत्र और फूल होलिका मैया को समर्पित किए गए थे। बुधवार को इन पवित्र भस्म को मंदिर से निकली पंखा शोभा यात्रा में भक्तों को प्रसाद के रूप में बांटा गया। गुरुवार को जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में हुए इस संत भंडारे से पहले, जगतगुरु शंकराचार्य, मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज और अन्य गणमान्य लोगों ने भगवान दूधेश्वर की पूजा-अर्चना की और अभिषेक किया। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने भंडारे में आए सभी संतों को दक्षिणा भी भेंट की। यह चार दिवसीय होली महोत्सव शुक्रवार को 'कढ़ी पकौड़ी बेसन की, गाड़ी पकड़ो टेशन की' जैसे मजेदार आयोजन के साथ संपन्न होगा।
इस चार दिवसीय होली महोत्सव में हर दिन कुछ खास हो रहा है। मंगलवार को होलिका दहन हुआ। इस दौरान महाशिवरात्रि पर भगवान दूधेश्वर को चढ़ाए गए बेल पत्र और फूल होलिका मैया को अर्पित किए गए। अगले दिन, बुधवार को, इन पवित्र भस्म को भक्तों में प्रसाद के रूप में बांटा गया। यह प्रसाद मंदिर से निकली पंखा शोभा यात्रा के दौरान वितरित किया गया।गुरुवार का दिन संत भंडारे के नाम रहा। जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। उनके साथ मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज भी मौजूद थे। भंडारे से पहले, इन दोनों महानुभावों ने भगवान दूधेश्वर की विधि-विधान से पूजा की और उनका अभिषेक किया। इसके बाद, संतों के लिए भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें देश भर से आए लगभग एक हजार संत शामिल हुए। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने सभी संतों को दक्षिणा देकर सम्मानित किया।
यह होली महोत्सव शुक्रवार को अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचेगा। समापन 'कढ़ी पकौड़ी बेसन की, गाड़ी पकड़ो टेशन की' जैसे अनोखे और मनोरंजक आयोजन के साथ होगा। यह आयोजन निश्चित रूप से भक्तों को खूब पसंद आएगा और होली के उल्लास को और बढ़ाएगा।