अस्पताल में आंखों में जलन-दर्द के मरीज़ बढ़े

नवभारत टाइम्स

होली के बाद जिला अस्पताल में आंखों में जलन और दर्द के मरीजों की भीड़ लग गई। लोगों के चेहरों पर गलती से सीमेंट, मिट्टी और रंग चले गए थे। इससे उन्हें तेज दर्द और खुजली की शिकायत हुई। घर पर धोने के बाद भी आराम नहीं मिला। नेत्र रोग विशेषज्ञ ने सभी मरीजों का उपचार किया।

crowd of patients with eye irritation pain increased after holi doctor gave warning
नोएडा में होली के रंग में भंग पड़ गया जब कुछ लोगों की नासमझी के कारण कई लोग दर्द और जलन से कराह उठे। मजाक में फेंके गए सीमेंट, बालू, मिट्टी, कीचड़ और केमिकल वाले रंगों ने लोगों की आंखों में पहुंचकर गंभीर परेशानी खड़ी कर दी। घर पर पानी से धोने के बाद भी जब राहत नहीं मिली तो पीड़ित जिला अस्पताल पहुंचे।

सेक्टर-62 की रहने वाली दीपिका के चेहरे पर सीमेंट चला गया, जो सीधे उनकी आंख में जा गिरा। एक अन्य लड़की के साथ तो हद ही हो गई, जब उसके पैरों में लगाने वाला महावर गलती से आंखों में चला गया, जिससे उसे असहनीय पीड़ा हुई। लकी, आदित्य सिंह, प्रेमपाल, लक्ष्य प्रताप, वीरपाल, मयंक कुमार जैसे कई और लोग भी मिट्टी, कीचड़ और रंगों से प्रभावित होकर अस्पताल पहुंचे।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र सिंह ने बताया कि होली के अगले दिन सुबह से ही आंखों में जलन और दर्द से पीड़ित मरीजों की भीड़ लग गई थी। उन्होंने बताया, "सभी की आंखें साफ कर उपचार किया गया, जिसके बाद राहत मिली और उन्हें घर भेज दिया गया।"

यह घटना होली के त्योहार पर सुरक्षा और समझदारी बरतने की जरूरत को उजागर करती है। त्योहारों का मजा किरकिरा न हो, इसके लिए दूसरों की भावनाओं और सुरक्षा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। केमिकल वाले रंग और अन्य हानिकारक चीजें आंखों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं।