GSI ने सबके लिए खोला करोड़ों साल पुराना ‘खज़ाना’

नवभारत टाइम्स

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने अपना 176वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर करोड़ों साल पुराने जीवाश्मों और खनिजों से युक्त जियोलॉजिकल म्यूजियम का उद्घाटन किया गया। यह संग्रहालय अब आम जनता के लिए खोल दिया गया है। संस्थान ने देश के लिए महत्वपूर्ण खनिज खोजे हैं। 39 भू-वैज्ञानिकों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

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लखनऊ: भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने अपना 176वां स्थापना दिवस अलीगंज स्थित उत्तरी क्षेत्रीय मुख्यालय में धूमधाम से मनाया। इस मौके पर देश के लिए महत्वपूर्ण खनिज खोजने वाले भू-वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया और एक उन्नत जियोलॉजिकल म्यूजियम का उद्घाटन भी हुआ।

मुख्य अतिथि ईए खान ने कहा कि जीएसआई के भू-वैज्ञानिक मुश्किल हालात में काम करके देश के लिए कीमती खनिज ढूंढते हैं और अहम जानकारी देते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्थान की रिपोर्टें, शोध पत्र और नक्शे देश की अनमोल भू-वैज्ञानिक धरोहर हैं।
इस समारोह में, 39 भू-वैज्ञानिकों को उनके खास शोध कार्यों के लिए पुरस्कार दिए गए। विभाग के एक पूर्व अधिकारी, डॉ. डीके मेहरोत्रा, की लिखी किताब का भी विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम में निदेशक (नीति सहयोग तंत्र) अजय कुमार और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

जीएसआई के 175 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में बने जियोलॉजिकल म्यूजियम को और बेहतर बनाकर फिर से खोला गया। इस संग्रहालय में लोग करोड़ों साल पुराने जीवाश्म, तरह-तरह के खनिज और भू-वैज्ञानिकों के काम आने वाले नए औजारों को देख पाए। यह प्रदर्शनी लोगों को धरती के इतिहास और भू-विज्ञान की दुनिया से रूबरू कराती है।