Mutual Fund Folio Lock New Rules To Be Effective From April 30 2026
अहम क्यों?
नवभारत टाइम्स•
अब से निवेशक अपने फोलियो को लॉक कर सकेंगे। यह सुविधा 30 अप्रैल, 2026 से शुरू होगी। 'एमएफ सेंट्रल' प्लेटफॉर्म के जरिए फोलियो लॉक होंगे। लॉक होने के बाद यूनिट्स तब तक नहीं निकलेंगी जब तक निवेशक खुद अनलॉक न करे। यह सुरक्षा डीमैट और नॉन-डेमैट दोनों तरह के फोलियो के लिए लागू होगी।
म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए एक बड़ा बदलाव होने वाला है। 30 अप्रैल, 2026 से, एक बार जब आप अपना फोलियो लॉक कर देंगे, तो उसमें से यूनिट्स तब तक नहीं निकलेंगी जब तक आप खुद उसे अनलॉक नहीं करते। यह सुरक्षा बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। शुरुआत में, आप 'MF सेंट्रल' प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके अपने फोलियो को लॉक कर पाएंगे। यह नियम डीमैट और नॉन-डेमैट, दोनों तरह के फोलियो पर लागू होगा।
यह नया नियम निवेशकों की सुरक्षा को और मजबूत करेगा। पहले, फोलियो लॉक होने के बाद, उसमें से यूनिट्स निकालना मुश्किल हो जाता था। लेकिन अब, निवेशक खुद तय कर सकेंगे कि कब उन्हें अपनी यूनिट्स निकालनी हैं। यह उन्हें धोखाधड़ी से बचाने में मदद करेगा।यह सुविधा 'MF सेंट्रल' प्लेटफॉर्म के ज़रिए मिलेगी। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहाँ निवेशक अपने म्यूचुअल फंड से जुड़े काम कर सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर जाकर आप आसानी से अपने फोलियो को लॉक कर पाएंगे।
यह नियम सभी तरह के फोलियो के लिए है। चाहे आपके यूनिट्स डीमैट खाते में हों या सीधे आपके नाम पर हों, आप इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इससे सभी निवेशकों को फायदा होगा।