स्कल्प और नेल इंफेक्शन की समस्या लेकर पहुंचे अस्पताल

नवभारत टाइम्स

होली के बाद लोगों को त्वचा और नाखूनों की समस्याओं ने परेशान कर दिया है। केमिकल रंगों के कारण कई लोगों के नाखूनों में जलन, सूजन और रंग बदलने की शिकायतें सामने आई हैं। सिर की त्वचा पर भी संक्रमण के मामले बढ़े हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।

scalp and nails damaged by holi colors hospitals see rush of patients
होली के रंगों का खुमार उतरते ही गुड़गांव में कई लोग त्वचा और नाखूनों की समस्याओं से जूझ रहे हैं। केमिकल वाले रंगों के कारण लोगों के नाखूनों में जलन, सूजन, दर्द और रंग बदलने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ लोगों के नाखूनों की ऊपरी परत कमजोर होकर टूट भी गई है। सिविल अस्पताल की स्किन ओपीडी में होली के बाद से मरीजों की संख्या बढ़ी है, जिनमें स्कैल्प (सिर की त्वचा) और नाखून से जुड़ी समस्याएं प्रमुख हैं।

डीएलएफ फेज-2 की नेहा को होली खेलने के बाद नाखूनों में तेज जलन और रंग उतरने की दिक्कत हुई। केमिकल युक्त रंगों के संपर्क में आने से उनके नाखूनों की ऊपरी परत कमजोर हो गई और दो नाखूनों में तो दरार भी आ गई। उन्होंने एक निजी अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह ली। इसी तरह सुशांत लोक की 29 वर्षीय प्रियंका मट्टू को भी होली के बाद नाखूनों में सूजन और दर्द की शिकायत हुई। लगातार रंग लगे रहने और ठीक से साफ न होने के कारण उनके नाखून पीले पड़ने लगे और आसपास की त्वचा में संक्रमण के लक्षण दिखने लगे। जब उनकी परेशानी बढ़ी तो उन्होंने एक निजी अस्पताल में इलाज शुरू कराया, जहां डॉक्टरों ने इसे केमिकल रंगों का असर बताया।
सेक्टर-10 स्थित सिविल अस्पताल में भी होली के बाद से स्कैल्प और नाखून से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। अस्पताल की स्किन ओपीडी में होली के बाद से हर दिन 170 से 180 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से कई लोग सिर की त्वचा में संक्रमण और नाखूनों को नुकसान पहुंचने की समस्या से परेशान हैं। जैकबपुरा की सुनीता भी होली खेलने के बाद से ही नाखूनों में जलन की शिकायत से जूझ रही थीं और शुक्रवार को वह सिविल अस्पताल पहुंचीं।

सेक्टर-10ए निवासी आनंद ने बताया कि होली के बाद उनके नाखूनों का रंग बदल गया और धीरे-धीरे जलन भी शुरू हो गई। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य समझा, लेकिन जब समस्या बढ़ी तो उन्होंने डॉक्टर से संपर्क किया। जांच में पता चला कि उनके नाखून खराब हो गए हैं और उन्हें दवा दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक हाथों का पानी में रहना भी ऐसी समस्याओं का कारण बन सकता है। केमिकल वाले रंग त्वचा और नाखूनों के लिए बहुत हानिकारक होते हैं। ये रंग अक्सर सस्ते और मिलावटी होते हैं, जिनमें ऐसे केमिकल होते हैं जो त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। होली खेलने के बाद नाखूनों में जलन, खुजली, सूजन और रंग बदलना आम बात है। अगर समय पर इलाज न कराया जाए तो यह संक्रमण का रूप ले सकता है। इसलिए होली खेलने के बाद नाखूनों को अच्छी तरह साफ करना और मॉइस्चराइजर लगाना बहुत जरूरी है। अगर कोई समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।