ले डूबेंगे अधूरे इंतज़ाम

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गुड़गांव में मॉनसून दस्तक देने वाला है। जीएमडीए और नगर निगम जैसे अधिकारी जलभराव रोकने के इंतज़ामों में पिछड़ गए हैं। टेंडर प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। काम शुरू होने में देरी से मॉनसून के दौरान शहर में पानी भरने की आशंका है। कई प्रोजेक्ट भी अधूरे पड़े हैं। यह स्थिति चिंताजनक है।

incomplete arrangements before monsoon risk of waterlogging in gurgaon

Surender.singh

@Timesofindia.com

n गुड़गांव: जून के दूसरे सप्ताह में नॉर्थ इंडिया में मॉनसून दस्तक देता है। ऐसे में जीएमडीए और नगर निगम सहित दूसरी एजेंसियों पर शहर में जलभराव रोकने का जिम्मा रहता है। हालांकि अब एक माह का ही समय शेष रह गया है, लेकिन अभी सिविज एजेंसियों के अधिकारी कामों के लिए टेंडर प्रक्रिया ही पूरी नहीं कर पाए हैं। ऐसे में तीन सप्ताह का समय टेंडर लगाने में लगेगा। इसके बाद एजेंसी को वर्क ऑर्डर देकर काम शुरू करवाएंगे। जब मॉनसून शुरू हो जाएगा, तब एजेंसी काम करेंगी, तो काम पूरा कब होगा, यह एक बहुत बड़ा सवाल है।

जीएमडीए के पास सीवर और ड्रेनेज का करीब 310 किमी नेटवर्क है। जीएमडीए के पास सेक्टर डिवाइडिंग रोड और मुख्य सड़कों पर मास्टर सीवर और ड्रेनेज की मास्टर लाइनें हैं। 150 किमी सीवर और 160 ड्रेनेज सिस्टम में से 80 फीसदी तक पूरा कर लिया है, लेकिन यहां पर सीवर नेटवर्क की सफाई में 60 फीसदी तक काम हुआ है। कई एरिया के तो अभी टेंडर भी नहीं लगे हैं।

चल रहे प्रॉजेक्ट भी अधूरे: वाटिका चौक से नए सेक्टरों में जाने वाली मास्टर ड्रेन और अतुल कटारिया चौक पर भी ड्रेन का काम पूरा नहीं हुआ है। कॉंट्रैक्टर से एग्रीमेंट खत्म होने के बाद अतुल कटारिया चौक की ड्रेन का काम रुक गया है। यहां पर टेंडर अभी नहीं हुए है।