मैन्युफैक्चरिंग में लौटी रौनक, अप्रैल में बढ़ा उत्पादन: PMI

नवभारतटाइम्स.कॉम

भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अप्रैल में उत्पादन बढ़ा है। नए ऑर्डर्स में भी सुधार देखा गया है। हालांकि, यह सुधार पिछले चार सालों में दूसरी सबसे धीमी गति से हुआ है। कच्चे माल की कीमतों में भी तेजी आई है। कंपनियों ने तैयार माल की कीमतें बढ़ाई हैं। पश्चिम एशिया के तनाव का असर महंगाई पर दिख रहा है।

manufacturing sees revival production increased in april pmi at 547

पीटीआई, नई दिल्ली: भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नए ऑर्डर्स और प्रोडक्शन की रफ्तार में अप्रैल के दौरान थोड़ी सुधार देखने को मिली है। हालांकि, बढ़त की यह दर पिछले लगभग चार सालों में दूसरी सबसे कमजोर कड़ी रही है।

सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) मार्च के 53.9 से बढ़कर अप्रैल में 54.7 पर पहुंच गया। PMI अगर 50 से ऊपर है, तो इसका मतलब है कि सेक्टर बढ़ रहा है, और 50 से नीचे होने का मतलब है कि इसमें गिरावट आ रही है। HSBC की चीफ इंडिया इकॉनमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा कि अप्रैल में मैन्युफैक्चरिंग PMI बढ़कर 54.7 हो गया, जो मार्च में 53.9 था। लेकिन यह अभी भी पिछले करीब चार सालों में कामकाज में सुधार की दूसरी सबसे धीमी गति है।

भंडारी ने कहा कि पश्चिम एशिया के तनाव का असर खासतौर पर महंगाई के मामले में साफ दिखने लगा है। कच्चा माल और इनपुट कॉस्ट अगस्त 2022 के बाद सबसे तेजी से बढ़ी है। वहीं, कंपनियों ने भी अपने तैयार माल की कीमतें पिछले छह महीनों में सबसे ज्यादा बढ़ाई हैं।