nगौरी शर्मा, फरीदाबाद
सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई का तरीका बदलने की तैयारी है। शिक्षा विभाग ने छोटे बच्चों की पढ़ाई को रोचक और आसान बनाने के लिए क्लासरूम रेडीनेस प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत बाल वाटिका-3 से लेकर कक्षा पांचवीं तक के बच्चों को गतिविधि-आधारित शिक्षा दी जाएगी। यानी अब बच्चे खेल, कहानी, कविता, रोल प्ले और प्रॉजेक्ट के माध्यम से पढ़ाई करेंगे।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ाना है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बसंत ढिल्लो ने बताया कि सभी शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पारंपरिक तरीके के बजाय बच्चों को आसान और दिलचस्प गतिविधियों के जरिए पढ़ाएं।
हर कक्षा के लिए अलग-अलग लक्ष्य किए गए हैं तय : कार्यक्रम के तहत हर कक्षा के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय किए गए हैं। पहली कक्षा में बच्चों को अक्षर ज्ञान, शब्द पहचान और गिनती जैसी बुनियादी चीजें सिखाई जाएंगी। दूसरी कक्षा में पढ़ना-लिखना, जोड़-घटाव और सरल वाक्य निर्माण पर ध्यान दिया जाएगा। तीसरी कक्षा में जोड़, घटाव, गुणा-भाग के साथ तर्क क्षमता विकसित की जाएगी। चौथी कक्षा में व्याकरण, लेखन और भाषा की समझ को बेहतर बनाया जाएगा, जबकि पांचवीं कक्षा में बच्चों को प्रॉजेक्ट वर्क, प्रस्तुति और समस्या समाधान सिखाया जाएगा।




