सिग्मंड फ्रायड एक शाम परिवार के साथ विएना के एक बगीचे में घूमने गए। रात होने पर बगीचा बंद होने की घंटी बजी, तो वह बाहर निकलने के लिए मेन गेट पर आ गए। अचानक उनकी पत्नी मार्था को ख्याल आया कि एक बच्चा कहीं चला गया है। वह घबराने लगीं। फ्रायड ने कहा, 'घबराओ मत। यह बताओ, तुमने बच्चे को कहीं जाने से रोका तो नहीं था?' पत्नी ने कहा, 'हां, मैंने उसे बड़े फव्वारे के पास जाने को मना किया था।' फ्रायड बोले, 'वह फव्वारे पर बैठा होगा।' जब वे फव्वारे पर गए तो देखा कि बच्चा वहीं पर पानी में पैर लटकाए बैठा है। फ्रायड की पत्नी बहुत हैरान हुईं और पूछा, 'तुमने किस ज्योतिष से पता किया कि बच्चा फव्वारे पर होगा?' फ्रायड बोले, 'देखो, मनुष्य के मन का सीधा नियम है, जहां जाने से उसे रोका जाए, वह वहीं पहुंच जाता है। मनुष्य को बुराई और गलत रास्तों पर चलने से रोकने के लिए लोग अक्सर दमन यानी जबरदस्ती मन को दबाने की सलाह देते हैं। लेकिन, जितना मन को दबाया जाता है, वह उतना ही उस तरफ भागता है। यही कारण है कि दुनिया में इतना तनाव और भटकाव है।'


