माइक्रोसॉफ्ट का केन्या डेटा सेंटर प्रोजेक्ट: भुगतान गारंटी पर सरकारी मतभेद, विस्तार पर असर की आशंका

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केन्या में माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा डेटा सेंटर प्रोजेक्ट अटक गया है। सरकार से भुगतान गारंटी को लेकर असहमति के कारण यह देरी हुई है। प्रोजेक्ट के पैमाने को कम करने की बात भी चल रही है। यह प्रोजेक्ट पूर्वी अफ्रीका में क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाओं का विस्तार करने वाला था।

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माइक्रोसॉफ्ट का पूर्वी अफ्रीका में डेटा सेंटर प्रोजेक्ट अटक गया है। केन्याई सरकार से भुगतान की गारंटी को लेकर असहमति के कारण यह देरी हुई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट और AI फर्म G42 ने केन्या में 1 अरब डॉलर के इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार से सालाना एक निश्चित क्षमता के भुगतान की गारंटी मांगी थी। लेकिन, सरकार उस स्तर की गारंटी नहीं दे पाई, जिस पर माइक्रोसॉफ्ट सहमत हो। इस वजह से बातचीत टूट गई है और प्रोजेक्ट के पैमाने को कम करने की बात भी सामने आ रही है।

यह बड़ा प्रोजेक्ट मई 2024 में घोषित हुआ था। माइक्रोसॉफ्ट और UAE की AI फर्म G42 मिलकर केन्या में यह डेटा सेंटर बना रहे थे। इसका मकसद पूर्वी अफ्रीका में क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाओं का विस्तार करना था। इस प्रोजेक्ट की घोषणा तब हुई थी जब केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो अमेरिका की यात्रा पर थे और उन्होंने बाइडेन प्रशासन से मुलाकात की थी।
इस डेटा सेंटर की खासियत यह थी कि यह पूरी तरह से जियोथर्मल पावर यानी पृथ्वी की गर्मी से चलने वाला था। साथ ही, यह पूर्वी अफ्रीका के लिए माइक्रोसॉफ्ट के Azure क्लाउड रीजन तक पहुंच भी प्रदान करने वाला था। Azure माइक्रोसॉफ्ट की एक ऐसी सेवा है जो कंपनियों को इंटरनेट पर कंप्यूटर की शक्ति और स्टोरेज की सुविधा देती है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि माइक्रोसॉफ्ट और G42 ने केन्याई सरकार से यह वादा करने को कहा था कि वे हर साल एक निश्चित मात्रा में डेटा सेंटर की क्षमता का भुगतान करेंगे। लेकिन, जब सरकार उस स्तर की गारंटी नहीं दे पाई, तो बातचीत रुक गई। इस वजह से यह भी संभव है कि वे इस प्रोजेक्ट को छोटा कर दें।

हालांकि, केन्या की सरकार का कहना है कि यह प्रोजेक्ट अभी भी जारी है। केन्या के सूचना मंत्रालय के प्रिंसिपल सेक्रेटरी जॉन तानुई ने ब्लूमबर्ग को बताया, "यह न तो फेल हुआ है और न ही वापस लिया गया है।" उन्होंने यह भी कहा कि "जिस पैमाने पर वे डेटा सेंटर बनाना चाहते थे, उसके लिए अभी भी कुछ संरचनात्मक बदलाव की जरूरत है।" उन्होंने बताया कि बिजली की जरूरतें अभी भी चर्चा का विषय हैं।

माइक्रोसॉफ्ट, G42 और केन्या के सूचना मंत्रालय ने इस मामले पर रॉयटर्स से तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की है। रॉयटर्स इस ब्लूमबर्ग रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।