मुआवजा नहीं बढ़ने से प्रॉजेक्टों को ज़मीन मिलने में अड़चन

नवभारतटाइम्स.कॉम

ग्रेटर नोएडा में ज़मीन की धीमी खरीद कई अहम प्रोजेक्ट के लिए रुकावट बन रही है। किसान मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। बाजार दरें बढ़ने के बावजूद मुआवजा नहीं बढ़ाया जा रहा है। इससे अथॉरिटी को 130 मीटर रोड, इंडस्ट्रियल सेक्टर और बोड़ाकी रेलवे स्टेशन के विस्तार के लिए जमीन मिलने में परेशानी हो रही है।

land acquisition for projects in greater noida stalled without compensation increase

n NBT रिपोर्ट, ग्रेटर नोएडा : धीमी जमीन खरीद ग्रेटर नोएडा के कई अहम प्रॉजेक्ट के लिए अड़चन बन रही है। मुआवजा में वृद्धि नहीं होने से किसान जमीन देने के लिए राजी नहीं हो रहे हैं। जबकि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को कई प्रोजेक्ट के लिए जमीन खरीदनी है। किसान मुआवजा वृद्धि की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि बाजार में रेट लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि मुआवजा नहीं बढ़ाया जा रहा है। यह किसानों के साथ अन्याय है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की पिछले दिनों हुई बोर्ड बैठक में मुआवजा वृद्धि का प्रस्ताव रखा जाना था, लेकिन यह प्रस्ताव नहीं रखा गया। इससे किसान निराश हैं। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को जमीन की जरूरत है। कई प्रोजेक्ट के लिए जमीन खरीदी जानी है। मुआवजा वृद्धि न होने से इसमें अड़चन आ रही है। अथॉरिटी को 130 मीटर रोड के लिए जमीन की जरूरत है। सिरसा से आगे इस रोड को यमुना अथॉरिटी एरिया तक ले जाना है। कई इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए भी जमीन की जरूरत है। इसके अलावा बोड़ाकी रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण में भी जमीन की खरीद की जानी है। इस विस्तारीकरण में करीब 1800 परिवारों को विस्थापन भी होना है। उनको जहां पर बसाया जाना है, वहां भी जमीन खरीदी जानी है। ये प्रोजेक्ट बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन मुआवजा वृद्धि न होने से जमीन खरीदी प्रक्रिया बहुत धीमी है। किसान नेता रूपेश वर्मा ने कहा कि अथॉरिटी बार-बार आश्वासन देती है, लेकिन उसे पूरा नहीं करती है। मुआवजा नहीं बढ़ाया जाना किसानों के साथ अन्याय है। इस पर अथॉरिटी को प्राथमिकता से विचार करना चाहिए। किसानों को उसकी जमीन का उचित मुआवजा मिलना चाहिए। जबकि बाजार में रेट लगातार बढ़ रहे हैं।