अथॉरिटी ने अस्तौली प्लांट कराया बंद

नवभारतटाइम्स.कॉम

अस्तौली कूड़ा निस्तारण प्लांट से बदबू फैलने पर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने प्लांट को बंद करा दिया है। अथॉरिटी ने एनटीपीसी से बदबू फैलने का कारण पूछा है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का धरना जारी है।

astoli waste plant closed authority takes action after villagers protest over stench

n NBT रिपोर्ट, ग्रेटर नोएडा : अस्तौली कूड़ा निस्तारण प्लांट में बदबू आने के बाद ग्रामीण सड़कों पर आए तो ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी हरकत में आई। प्लांट बंद करा दिया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। अथॉरिटी ने एनटीपीसी से जवाब मांगा है। पूछा है कि आखिर प्लांट से बदबू क्यों फैल रही है। जबकि प्लांट में कूड़ा स्टोर करने का प्रावधान नहीं है। यहां रोजाना जितना कूड़ा आएगा, उसका निस्तारण किया जाना है। अस्तौली गांव के पास 126.54 एकड़ में अत्याधुनिक कूड़ा निस्तारण केंद्र विकसित किया गया है। यहां नोएडा-ग्रेटर नोएडा दोनों का कचरा निस्तारित होगा। इसमें एनटीपीसी ने 20 एकड़ में 900 टीपीडी (टन प्रतिदिन) क्षमता का प्लांट लगाया है। इसका ट्रायल हो गया। रिलायंस को 11.45 एकड़ और आकांक्षा कंपनी को 4.5 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। दोनों यहां प्लांट लगाएगी। एनटीपीसी वाले प्लांट में कचरे को प्रोसेस कर चारकोल बनाया जाएगा। एक प्रकार का कोयला बनाया जाएगा, जिसे बिजली पैदा करने के उपयोग में लाया जाएगा। इस प्लांट से पिछले दिनों बदबू फैली तो आसपास के गांव वालों ने धरना शुरू कर दिया। यह धरना अभी भी जारी है। धरने में शामिल सूरज भाटी ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तब तक उनका धरना चलता रहेगा। इसके बाद ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने ग्रामीणों से बात की और प्लांट बंद करा दिया। कहा कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ श्री लक्ष्मी वीएस ने कहा कि प्लांट पर धरना दे रहे ग्रामीणों से वार्ता हुई है। इस मामले में एनटीपीसी से जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अथॉरिटी की तकनीकी टीम भी इसको देखेगी। आखिर बदबू कैसे आई। इस प्लांट में कूड़ा डंप नहीं किया जाना है। बल्कि जितना कूड़ा रोज पहुंचेगा, उसका उसी दिन निस्तारण हो जाएगा।