महीनों पहले खरीदी इलेक्ट्रिक कार, सब्सिडी अब तक पेंडिंग

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गाजियाबाद और टीएचएम में इलेक्ट्रिक कार खरीदारों को सब्सिडी का इंतजार है। महीनों पहले कार खरीदने वाले हजारों लोग अब तक भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश सरकार की EV पॉलिसी के तहत एक लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। चार पहिया वाहनों के लिए 25 हजार की सब्सिडी सीमा पूरी हो चुकी है।

electric car subsidy stuck buyers waiting even after months questions on green mobility

n NBT रिपोर्ट, गाजियाबाद/टीएचए

महंगे पेट्रोल-डीजल से राहत और स्वच्छ पर्यावरण की उम्मीद में हजारों लोगों ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर भरोसा जताया। अब यही भरोसा सब्सिडी की धीमी रफ्तार में डगमगाता नजर आ रहा है। नई नीति के तहत बजट अटकने और फोर-वीलर सब्सिडी सीमा पूरी होने से हजारों खरीदार महीनों से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं।

यह है योजना : प्रदेश सरकार की EV पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक कारों पर एक लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान किया था। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया। योजना में शुरुआत के 25000 वाहनों पर सब्सिडी मिलनी है। जिले में कई खरीदार इस सूची शामिल हैं, जिन्हें सब्सिडी का इंतजार है। पोर्टल पर ‘पेंडिंग’ और ‘इन प्रोसेस’ का स्टेटस देख रहे खरीदारों का कहना है कि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो EV खरीदने का उत्साह कम हो सकता है। बता दें कि चार पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन की सीमा 25 हजार पूरी हो चुकी है। टू-वीलर श्रेणी में 2 लाख वाहनों का लक्ष्य था, इसका कोटा शेष है। जिले में लगभग 2,000 से अधिक ऐसे खरीदार हैं, जो सब्सिडी की कतार में हैं। ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार ने 25 हजार वाली लिमिट नहीं बढ़ाई, तो ग्रीन मोबिलिटी के अभियान को बड़ा झटका लग सकता है।

जल्द समाधान का इंतजार: जिले में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन मालिक हैं, जिन्होंने 5 से 6 महीने पहले सब्सिडी के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक उनके खातों में राशि नहीं पहुंची है। पोर्टल पर आवेदन की स्थिति इन प्रोसेस या पेंडिंग दिखाई दे रही है। इससे खरीदार परेशान हैं।