n NBT रिपोर्ट, फरीदाबाद
सेक्टर 58 थानाक्षेत्र के जाजरू गांव के पास दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी है। 11 हजार वोल्टेज की लाइन का ट्रांसफाॅर्मर ठीक करते समय बिजली सप्लाई आने से लाइनमैन और उसका एक सहयोगी चपेट में आ गया। करंट लगने से लाइनमैन की मौत हो गई जबकि दूसरा साथी घायल हो गया है। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक की पहचान 32 साल के सोनू निवासी जनौली गांव पलवल के रूप् में हुई है। वह हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत करीब आठ साल से लाइनमैन के पद पर कार्यरत था। घटना के वक्त मृतक के पास कोई सेफ्टी किट उपलब्ध नहीं कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि मृतक के इंचार्ज जेई और एसडीओ द्वारा बगैर सेफ्टी किट के काम कराया जा रहा था। घटना को लेकर परिजनों ने सेक्टर 58 थाना पहुंचकर नाराजगी जताई। मृतक सोनू जिला स्तर का कबड्डी खिलाड़ी रहा है। सोनू शादीशुदा था और उसका 8 साल के बेटा और एक छोटी बेटी है। सेक्टर 58 थाना पुलिस जेई और एसडीओ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
ऐसे हुई घटना: जानकारी के अनुसार सेक्टर 58 क्षेत्र के जाजरू मोड़ के पास 11 हजार वोल्टेज का एक ट्रांसफाॅर्मर खराब हो गया था। सूचना मिलने पर संबंधित क्षेत्र के जेई और एसडीओ ने एचकेआरएम के लाइनमैन सोनू और उसके एक अन्य सहयोगी को उसे बदलने के भेज दिया।
बताया जाता है कि बिजली सप्लाई बंद होने की अनुमति लेकर दोनों कर्मचारी मंगलवार सुबह करीब 11 बजे से काम कर रहे थे। शाम करीब साढ़े छह बजे काम करने के दौरान ही अचानक लाइन में बिजली सप्लाई आ गई। जिससे दोनों को करंट लग गया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल जाते समय रास्ते में तोड़ा दम
घटना के बाद मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने दोनों को गाड़ी में बैठाकर सेक्टर 8 स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर जा रहे थे। लेकिन गंभीर रूप से घायल सोनू ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जबकि उसके साथी का अभी इलाज चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि घटना के वक्त न तो मौके पर जेई थे और न ही एसडीओ। घटना की सूचना परिजनों काे दी गई। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद संबंधित जेई और एसडीओ को फोन किया गया लेकिन कोई अधिकारी मौके पर भी आना उचित नहीं समझा।
परिवार ने कहा- मौके पर नहीं आए कोई अफसर
मृतक के चाचा अजय और जनौली गांव के सरपंच हरेंद्र सिंह का आरोप है कि काम के समय कोई सेफ्टी टूल नहीं दिया गया था। उनका ये भी आरोप है कि अक्सर सोनू घर पर भी चर्चा करता था कि विभाग बगैर सेफ्टी टूल के लाइनमैनों से जबरन काम कराया जाता है। यदि कोई लाइनमैन मना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी दी जाती है।
घटना के वक्त मृतक सोनू के पास न तो ग्लब्ज था और न ही हेलमेट। यदि सेफ्टी किट होता तो सोनू की जान बच सकती थी। उनका ये भी आरोप है कि घटना के बाद कोई अधिकारी मौके पर भी नहीं पहुंचा। उधर सूचना पर पहुंची सेक्टर 58 थाना पुलिस ने शव का ईएसआईसी में पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।



