n NBT रिपोर्ट, गाजियाबाद
उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव (नगर विकास अनुभाग) के निर्देशों के बाद जिले को प्रदूषण मुक्त और साफ-सुथरा बनाने के लिए एक तैयारी शुरू हो गई है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ और मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ की मौजूदगी में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने और सड़कों को धूलमुक्त करने के लिए एक कार्य योजना पेश की। इस बैठक में नगर निगम के साथ-साथ गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA), लोक निर्माण विभाग (PWD), यूपीसीडा और आवास विकास परिषद के अधिकारी शामिल हुए, जिन्हें आपसी तालमेल के साथ सड़कों को धूल और गड्ढा मुक्त करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि गाजियाबाद की प्रमुख सड़कों और प्रवेश द्वारों को बेहतर बनाया जा रहा है, इसलिए जो सड़कें नगर निगम के दायरे में नहीं हैं और जिनका रख-रखाव आवास विकास या पीडब्ल्यूडी जैसे अन्य विभागों के पास है, उन पर भी संयुक्त रूप से काम किया जाए। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारी मिलकर जमीन पर जाकर निरीक्षण करेंगे। सभी विभागों से एंड-टू-एंड रोड पेविंग (सड़कों के किनारों को पक्का करना), हरियाली बढ़ाने और पानी के छिड़काव से जुड़े कामों का डेटा भी मांगा गया है। नगर आयुक्त ने बैठक में बताया कि नगर निगम की सभी सड़कें फिलहाल गड्ढा मुक्त हैं और उन्हें धूल मुक्त रखने का अभियान लगातार चल रहा है। निगम द्वारा एमआरएस मशीनों, रोड स्वीपिंग मशीनों और वॉटर स्प्रिंकलर (पानी छिड़कने वाले वाहनों) के जरिए रोजाना सफाई और पानी का छिड़काव किया जा रहा है।



