n NBT रिपोर्ट, सेक्टर-44
शहर के बुनियादी ढांचे को हाईटेक करने के लिए जीएमडीए 386 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस प्लान के तहत शहर की प्रमुख सड़कों को सिग्नल-फ्री कॉरिडोर , एलिवेटेड रोड , फ्लाईओवर और अंडरपास को लेकर काम किया जा रहा है। इसके अलावा जलनिकासी और ट्रैफिक मैनेजमेंट के प्लान पर भी काम होगा। मॉनसून से पहले सड़क रिपेयरिंग, ड्रेनेज सफाई, ग्रीन बेल्ट सुधार को लेकर काम पर जोर दिया जा रहा है। जीएमडीए के सीईओ ने पार्षदों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मंगलवार देर शाम यह बैठक जीएमडीए के सेक्टर-44 स्थित ऑफिस में आयोजित की गई।
जीएमडीए सीईओ पीसी मीणा ने पार्षदों और अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर में चल रहे विकास कार्यों के साथ भविष्य के प्लान को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी संयुक्त टीम की तरह मिलकर काम करेंगे। जल्द ही यह टीमें एरिया वाइज शहर का विजिट करेंगी। इस दौरान पार्षद भी अपने सुझाव रख सकेंगे। शहर में सड़क, मोबिलिटी, ड्रेनेज और ग्रीन बेल्ट को लेकर जीएमडीए प्लान कर रहा है। कई जगहों पर ड्रेनेज के काम चल रहे हैं। फ्लाईओवर और अंडपास का भी प्लान है।
जनप्रतिनिधि बोले- जवाबदेही भी तय हो: इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी प्लान की जमीनी आवश्यकताओं के साथ अधिकारी की जवाबदेही भी तय हो। बैठक में बताया गया कि जीएमडीए की ओर से शहर के प्रमुख मार्गों पर सिग्नल-फ्री कॉरिडोर, एलिवेटेड रोड, फ्लाईओवर और अंडरपास की योजना है। कनेक्टिविटी मजबूत करने और सड़क नेटवर्क विकसित करने के लिए 386 करोड़ की लागत वाली 51 प्रमुख सड़क के प्लान को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें से 12 कार्य दिए जा चुके हैं, जबकि 39 परियोजनाएं जल्द शुरू होंगी। सिग्नल-फ्री कॉरिडोर विकसित करने और यात्रियों के यात्रा समय को कम करने के उद्देश्य से पांच एलिवेटेड कॉरिडोर और सात फ्लाईओवर और अंडरपास विकसित करने की योजना है। एनएच-48 से वाटिका चौक, राजीव चौक से अतुल कटारिया चौक, महावीर चौक से इफको चौक व अतुल कटारिया चौक से द्वारका एक्सप्रेसवे तक मोबिलिटी सुधार कार्य शामिल हैं।



