Internet Shutdowns India Sees Most Shutdowns Deep Impact On Livelihoods And Life
इंटरनेट के साथ बंद होता है बहुत कुछ
नवभारतटाइम्स.कॉम•
फोन हाथ में है, पैसे भी हैं, लेकिन पेमेंट नहीं हो रहा। राशन मिल रहा है न रास्ता। जरूरी खबरों से भी बेखबर हैं। 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट पर पाबंदियों से लोगों को ऐसी ही परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह परेशानी कुछ घंटों की थी, पर भारत में इंटरनेट बंद होने का सिलसिला पुराना है।
इराक से आगे । इंटरनेट सोसायटी की 2026 की रिपोर्ट ‘शटडाउन ट्रेंड्स फ्रॉम 2019 टू 2025 : व्हेयर डू वी गो फ्रॉम हियर’ के मुताबिक, 2019 से 2025 के बीच भारत में 412 इंटरनेट शटडाउन दर्ज हुए। इनमें 404 क्षेत्रीय शटडाउन थे। दूसरे स्थान पर रहे इराक में 157 घटनाएं हुईं। यानी, भारत में इराक से ढाई गुना से भी ज्यादा शटडाउन हुए। एक्सेस नाउ की रिपोर्ट ‘राइजिंग रिप्रेशन मीट्स ग्लोबल रेजिस्टेंस : इंटरनेट शटडाउन्स इन 2025’ बताती है कि 2016 से 2025 के बीच दुनिया में दर्ज 2,102 शटडाउन में से 920 भारत में हुए, यानी करीब 44%।कमाई में कटौती । इन आंकड़ों के पीछे लोगों की कहानियां हैं। राजस्थान के एक मनरेगा मजदूर ने 15 दिन काम किया, लेकिन ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं होने के कारण उसे 12 दिन की ही मजदूरी मिली। तीन दिन काम हुआ, पर पैसा नहीं मिला। इंटरनेट की रुकावट सीधे घर के चूल्हे तक पहुंच गई। यह मामला ह्यूमन राइट्स वॉच और इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन की रिपोर्ट में दर्ज है। अजमेर में एक महिला तीन दिन राशन की दुकान के चक्कर लगाती रही। इंटरनेट नहीं चला, तो उस महीने का गेहूं नहीं मिला।
काम पर असर । मणिपुर में 2023 में इंटरनेट पर पाबंदियां 5,000 घंटे से ज्यादा चलीं। सात महीने तक लोगों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई, इलाज और रोजगार तक पहुंच मुश्किल बनी रही। 135 मेडिकल छात्रों पर हुए अध्ययन में 93.3% ने माना कि उनकी रोजमर्रा की गतिविधियां और 83.7% ने कहा कि उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई। अब नुकसान का आर्थिक पहलू देखिए। टॉप 10 वीपीएन के अनुमान के मुताबिक, 2023 में भारत में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर पाबंदियों से करीब 58.54 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ।
व्यापक पहलू । सुरक्षा की जरूरत अपनी जगह है, लेकिन इंटरनेट अब सिर्फ फोन की स्क्रीन नहीं है। यह दुकान की बिक्री है। मजदूर की हाजिरी है। मरीज की रिपोर्ट है। बच्चे की पढ़ाई है। किसी की रोज की कमाई है। सिग्नल लौट आता है, लेकिन जो पेमेंट उस दिन नहीं हुआ, जो मजदूरी हाथ से निकल गई, जो राशन नहीं मिला और जिस दिन की कमाई चली गई, वह हमेशा वापस नहीं आती।