Builders Unit Dispute Allottees Joint Petition Rejected By Hrera
बिल्डर की कई यूनिटों से जुड़े विवाद में आवंटियों की संयुक्त याचिका खारिज
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव
एक ही कमर्शल प्रॉजेक्ट की कई यूनिटों से जुड़े विवाद में सभी आवंटियों की संयुक्त शिकायत पर हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (HRERA) ने राहत देने से इनकार कर दिया है। सेक्टर-109 स्थित नियो स्क्वायर प्रॉजेक्ट के मामले में हरेरा, गुड़गांव ने याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि अलग-अलग बिल्डर-बायर्स एग्रीमेंट के तहत आवंटित यूनिटों से जुड़े मामलों को एक ही शिकायत में नहीं जोड़ा जा सकता। अथॉरिटी ने यह भी कहा कि जब देरी से कब्जे के मुआवजे पर पहले ही आदेश दिया जा चुका है, तो उसके पालन के लिए नई शिकायत के बजाय कानूनी रूप से तय प्रक्रिया अपनानी होगी।यह मामला नियो डिवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के कमर्शल प्रॉजेक्ट नियो स्क्वायर का है। शिकायतकर्ता पंकज कपूर, अंजू कपूर, संजीव कपूर और आशा कपूर ने 4 फरवरी 2013 को अलग-अलग बायर्स एग्रीमेंट किए थे। इन्होंने चौथी और 5वीं मंजिल पर कुल 40,013 वर्ग फीट कमर्शल स्पेस बुक किया था। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, उन्होंने बेसिक सेल प्राइस, ईडीसी, आईडीसी और सेल्स टैक्स सहित कुल 7 करोड़ 9 लाख 81 हजार 762 रुपये का भुगतान किया था। बिल्डर को फरवरी 2016 तक कब्जा देना था लेकिन निर्माण में देरी हुई। इस पर आवंटियों ने हरेरा में शिकायत की थी। अथॉरिटी ने 25 जनवरी 2022 को बिल्डर को 15 जून 2019 से कब्जा मिलने तक 9.30 प्रतिशत सालाना की दर से देरी का ब्याज देने का आदेश दिया था।
अतिरिक्त मांग पर दोबारा विवाद: ओसी मिलने पर बिल्डर ने 14 अगस्त 2025 को पजेशन कम डिमांड नोटिस जारी किया। इसमें 8 करोड़ 39 लाख 41 हजार 994 रुपये की अतिरिक्त मांग की गई। आवंटियों ने इसे अनुचित बताते हुए नोटिस रद करने और कब्जा दिलाने की मांग की।