लचर कानून व्यवस्था

नवभारतटाइम्स.कॉम•
lax law and order lathicharge on peaceful protesters and internet shutdown is an insult to democracy
यह पत्र 12 अक्टूबर के संपादकीय ‘खुद में जवाबदेही’ से संबंधित है। अगर कोई संगठन शांतिपूर्वक प्रोटेस्ट कर रहा है, तो उसे जबरन गिरफ्तार करना, उन पर लाठी बरसाना लोकतंत्र का अपमान है। सुप्रीम कोर्ट ने भी यही निर्देश दिया है कि कानून में निर्धारित प्रक्रिया के बिना किसी को हिरासत में न लिया जाए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद मेट्रो और रेल सेवाओं को बंद करना, इंटरनेट बंद करना बताता है कि अब कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है।

वारिस अली खान, ईमेल से

रेकमेंडेड खबरें