लाल या हरे बामपंथी?

नवभारतटाइम्स.कॉम•
लाल या हरे बामपंथी?
इंजीनियर साहब मेरे पास आकर बोले, 'आप कौन से बामपंथी हैं। हरे या लाल वाले?' हमने सुधारते हुए कहा, 'वामपंथ होता है।' वह बोले, 'पता है, मैं सिर दर्द वाले बाम की बात कर रहा हूं। आपके पास कौन-सा है, हरा वाला या लाल वाला?' मैं समझ गया कि उनका मूड खराब है। इस बीच वह अपने दरवाजे पर उग आए नरगिस के पौधों को नोंच कर फेंकने लगे। हमने कहा, 'क्या कर रहे हैं इंजीनियर साहब, ये पौधे हमें ऑक्सीजन देते हैं।' उन्होंने बिफर कर कहा, 'कोने वाला नीम का पेड़ ऑक्सीजन देता था। जब कट रहा था, तब क्यों नहीं रोका? ये बित्ते भर के पौधे क्या ऑक्सीजन देंगे?' मैंने सिर घुमाकर देखा, उनकी कुर्सी के पीछे अखबार औंधे मुंह पड़ा था। उस पर आंदोलन के फोटो झांक रहे थे।

मैंने प्यार से पूछा, 'क्या हुआ इंजीनियर साहब?' वह और भड़के, 'रात को पूरी गली में अंधेरा छाया रहता है, किसी को फर्क नहीं पड़ता। न किसी के पास शिकायत करने का वक्त है। मुझे ये लोग नंबर नहीं देते कि मैं कहीं लड़ाई न कर बैठूं। अरे, मुझे तो बच्ची के स्कूल भी नहीं जाने देते कि कहीं वहां बहस न हो जाए।'
फिर सांस लेकर बोले, 'मेन रोड पर अंडरपास के पास महीनों से पानी भरा है, सैकड़ों लोग उसी से होकर आते-जाते हैं। न किसी को यह जानने की चिंता है कि यह क्यों हो रहा है और न किसी के पास इतना टाइम है कि उसे दुरुस्त कराने के लिए जहमत उठाए।' फिर खुद ही बोले, 'फिर जाएं भी तो जाएं कहां, किससे कहें, कौन सुन रहा है, और दिन भर ऑफिस में खटने के बाद इतनी ताकत भी कहां रह जाती होगी!' हम चुपचाप खिसक लिए।

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