Grand Conclusion Of Sai Samadhi Festival In Shirdi Lakhs Of Devotees Received Blessings
शिरडी में आज संपन्न होगा साई समाधि उत्सव, लाखों भक्त पहुंचे
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n ललित वत्स, नई दिल्ली: श्री साई बाबा के महासमाधि दिवस पर शिरडी में भव्य सजावट के साथ ही तीन दिन का उत्सव बुधवार रात संपन्न होने जा रहा है। दशहरे पर अहिल्याबाई नगर के प्रमुख जिला और सत्र न्यायाधीश शिवाजी भगवान राव कचरे और ‘श्री साई संस्थान ट्रस्ट‘ के आईएएस सीईओ गोरक्ष गाडीलकर, डिप्टी सीईओ भीमराज दराडे और अन्य अधिकारियों की अगुआई में साई बाबा के चित्र के साथ विशेष शोभायात्रा निकाली गई। 19 अक्टूबर को तड़के पांच बजे शुरू हुए उत्सव में मुंबई, कोल्हापुर और दिल्ली से आए कलाकारों ने भजन-कीर्तन भी प्रस्तुत किए। ‘श्री साई सद्चरित‘ ग्रंथ का पाठ भी इस दौरान होता रहा।
साई बाबा ने 15 अक्टूबर 1918 को दशहरे के दिन देह त्याग कर महासमाधि ली थी। उसकी याद में इस बार 108वें वर्ष में श्री साई समाधि मंदिर और परिसर में करीब 10 हजार किलो फूलों से सजावट की गई। सीईओ गाडीलकर के अनुसार, गुजरात से साई भक्त ममता सतीश कपिलेश्वर ने फूलों की सजावट का योगदान दिया। मुंबई के ‘द्वारकामाई मंडल‘ ने पूरे परिसर में रंग बिरंगी रोशनी की व्यवस्था की। सजावट का यह काम 200 से अधिक कलाकारों और संस्थान स्टाफ ने 4-5 दिन में पूरा किया।सुविधा और सुरक्षा: गाडीलकर ने बताया कि बड़ी संख्या में भक्त शिरडी पहुंचे हैं। लाखों भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुलिस और संस्थान के एक हजार से ज्यादा कर्मी तैनात रहे। भक्तों के लिए साई निवास में विशेष व्यवस्था की गई। 94 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में पंडाल भी अलग से दो स्थानों पर लगाए गए। भक्तों को प्रसाद-भोजन में गुलाब जामुन, खीर और बालूशाही परोसी गईं। मोतीचूर के लड्डू का प्रसाद वितरित किया गया। अतिरिक्त प्रसाद खरीदना चाह रहे भक्तों के लिए आठ काउंटर भी अलग बनाए गए। कतारों में लगे भक्तों को चाय, काफी और दूध भी प्रदान दिया गया। विजयादशमी के मौके पर रातभर श्री साई समाधि मंदिर में लगातार दर्शन के लिए अलग से विशेष व्यवस्था की गई थीं।