वीणा जॉर्ज के गनमैन का नया बयान: केएसयू कार्यकर्ताओं पर हमले का सच सामने आया

NewsPoint•
Navbharat Times
केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज पर हुए हमले का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। उनके गनमैन ने बताया है कि उसने एसआईटी को जो बयान दिया, वो वीणा के कहने पर ही था। उसने कहा कि वीणा ने उसे बताया था कि उन पर हथियारों से हमला हुआ था। जबकि, गनमैन अभिलाष ने एसआईटी को यह भी बताया कि उसने केरल स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) के कार्यकर्ताओं को वीणा पर हमला करते हुए नहीं देखा था। इस बयान के आधार पर गिरफ्तार किए गए केएसयू कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगे थे।

यह मामला इस साल की शुरुआत में हुआ था जब पिनाराई विजयन की सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के अंतिम दौर में थी। वीणा ने दावा किया था कि घटना के दौरान वह घायल हो गई थीं, लेकिन दो दिन के भीतर ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी और वे सड़क से यात्रा करने लगी थीं। इस घटना के बाद कई सवाल उठे थे। जैसे कि क्या सच में हमला हुआ था या यह सब कुछ सुनियोजित था।
गंभीर बात यह है कि गनमैन का नया बयान काफी समय बाद आया है। पहले उन्होंने रेलवे पुलिस को बताया था कि उन पर हमला हुआ था और इसके चलते केएसयू के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में अब नया खुलासा वीणा को एक और राजनीतिक झटका दे सकता है। वह अरनमुला सीट से तीसरी बार जीतने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

वीणा जॉर्ज का राजनीतिक करियर बहुत तेजी से बढ़ा। 2016 में पिनाराई विजयन ने उन्हें एक टीवी न्यूज़ रूम से चुना था और वे अरनमुला से सीपीआई (एम) की उम्मीदवार बनीं। उन्होंने पहले चुनाव में जीत प्राप्त की और 2021 में भी अपनी सीट बचाई। बाद में, पिनाराई ने कई अनुभवी नेताओं को दरकिनार करते हुए उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी। हालांकि, उनके कार्यकाल के अंतिम दौर में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उनके काम को लेकर बहस हुई।

कन्नूर की घटना ने उनकी छवि को और नुकसान पहुंचाया। अब सामने आए नए खुलासे ने इस मामले को फिर से गरमा दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि इस मामले को किस तरह से हैंडल किया गया।

वीणा अभी सीपीआई (एम) राज्य समिति में आमंत्रित सदस्य रह गई हैं, लेकिन उनका राजनीतिक कद काफी कम हो गया है। उनका अचानक गिरता हुआ राजनीतिक केरियर उनके लिए एक चुनौती बन गया है। राजनीतिक मशहूर हस्तियों की तरह, जिनकी छवि पर एक झटका भी असर डाल सकता है, वीणा को अपने फैसलों और उनके परिणामों के बारे में सोचना होगा।

इस घटना ने न केवल वीणा की छवि को प्रभावित किया, बल्कि पूरे राजनीतिक परिदृश्य में भी हलचल पैदा कर दी है। अब देखना यह है कि वह इस मुद्दे का सामना किस तरह करती हैं और क्या उनके राजनीतिक करियर में वापसी संभव है या नहीं।

रेकमेंडेड खबरें