ममता बनर्जी ने सुवेंदु अधिकारी पर धमकी देने का आरोप लगाया, संविधान पर सवाल
ममता बनर्जी ने सुवेंदु अधिकारी पर धमकी देने का आरोप लगाया, संविधान पर सवाल
NewsPoint•
कोलकाता, 24 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर तीखा हमला बोला है। ममता बनर्जी का आरोप है कि सुवेंदु अधिकारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्हें खुलेआम धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी ने सरकारी दफ्तर में बैठकर कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि ममता बनर्जी अपने घर से बाहर भी न निकल पाएं। ममता बनर्जी ने भारत के राष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश और देश की जनता से सवाल किया कि क्या हमारे संविधान में ऐसे भारत की कल्पना की गई थी, जहां एक मुख्यमंत्री विपक्षी नेता को इस तरह धमकी दे सके।
ममता बनर्जी ने कहा कि यह भारतीय राजनीति में एक नया शर्मनाक स्तर है। उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री, जिसने संविधान की रक्षा की शपथ ली है, वह मुख्य विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की चेयरपर्सन की आजादी को सीमित करने की धमकी दे रहे हैं। बनर्जी ने अधिकारी के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा, "मैं पक्का करूंगा कि आप घर से बाहर न निकल पाएं।" उन्होंने पूछा कि इस धमकी का क्या मतलब है? क्या यह नजरबंदी है? क्या यह डराना-धमकाना है? या फिर राजनीतिक उत्पीड़न?पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि एक संवैधानिक लोकतंत्र में किसी को भी आजादी से घूमने-फिरने का अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाया कि अधिकारी को यह तय करने का अधिकार किसने दिया कि कौन कहां जा सकता है। ममता बनर्जी ने कहा कि शायद अधिकारी उन्हें ऐसे लोगों की तरह समझ रहे हैं जो तानाशाही के आगे झुक जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनकी बहुत बड़ी गलतफहमी है।
ममता बनर्जी ने कहा कि यह सिर्फ उनके खिलाफ नहीं है, बल्कि यह विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि यह मामला ममता बनर्जी से कहीं बड़ा है। यह उस तरह के भारत के बारे में है जिसे भाजपा बनाना चाहती है। एक ऐसा भारत जहां राजनीतिक विरोधियों को धमकाया जाता है, असहमति जताने वालों को सजा मिलती है, और संवैधानिक अधिकार सत्ता में बैठे लोगों की मर्जी पर निर्भर करते हैं। उन्होंने चिंता जताई कि भारत एक खतरनाक तानाशाही भरे दौर से गुजर रहा है।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि इतिहास एक महत्वपूर्ण सबक सिखाता है। उन्होंने कहा, "सत्ता कुछ समय के लिए डरा-धमका सकती है, लेकिन अहंकार का जवाब आखिरकार जनता ही देती है।" उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी का अहंकार बहुत बड़ा है, लेकिन उनकी हताशा उससे भी ज्यादा है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि उनके दिन गिने-चुने हैं।
ममता बनर्जी ने सुवेंदु अधिकारी के बयान को राजनीतिक उत्पीड़न और असहमति को दबाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा है। उन्होंने देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। बनर्जी ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि सत्ता में बैठे लोग किस तरह से अपनी ताकत का दुरुपयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह तानाशाही की ओर एक खतरनाक कदम है।
उन्होंने कहा कि अधिकारी का बयान न केवल एक व्यक्तिगत धमकी है, बल्कि यह पूरे विपक्ष को डराने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि वे ऐसे धमकियों से डरने वाली नहीं हैं और वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और वे इसका जवाब जरूर देंगी। उन्होंने कहा कि यह समय है कि देश के नागरिक इस तरह के व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाएं।