मिजोरम सरकार ब्रिक्स एंटरप्रेन्योर्स अलायंस के साथ कार्बन ट्रेडिंग, अदरक प्रोसेसिंग और पर्यटन में सहयोग बढ़ाएगी
मिजोरम सरकार ब्रिक्स एंटरप्रेन्योर्स अलायंस के साथ कार्बन ट्रेडिंग, अदरक प्रोसेसिंग और पर्यटन में सहयोग बढ़ाएगी
NewsPoint•
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ब्रिक्स एंटरप्रेन्योर्स अलायंस (बीईए) के साथ कार्बन ट्रेडिंग, अदरक की प्रोसेसिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहती है। यह घोषणा नई दिल्ली में मिजोरम हाउस में मुख्यमंत्री और बीईए के ग्लोबल प्रेसिडेंट और सीईओ भास्कर ज्योति सोनोवाल के बीच हुई बैठक के बाद आई है। बीईए की एक टीम वर्तमान में मिजोरम का दौरा कर रही है, जो इस सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने बीईए टीम के साथ हुई बैठक में उनके प्रस्तावों पर आगे बढ़ने की सराहना की। उन्होंने कहा कि बीईए द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर जरूरत के अनुसार काम किया जाएगा। इस बैठक में बीईए से जुड़ी कई कंपनियों ने मिजोरम में अपनी गतिविधियां शुरू करने के अवसरों पर प्रेजेंटेशन दिए।पर्यटन के क्षेत्र में, बीईए टीम ने एक खास सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मिजोरम को गोवा, केरल और कश्मीर जैसे स्थापित पर्यटन स्थलों से सीधे मुकाबला नहीं करना चाहिए। इसके बजाय, मिजोरम को अपनी अनूठी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को उजागर करके खुद को एक 'अनुभव-आधारित डेस्टिनेशन' के रूप में विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए। इसका मतलब है कि पर्यटक यहां आकर कुछ खास अनुभव करें, जो कहीं और न मिले।
बैठक में एक इजरायली कंपनी ने भी अपने प्रस्ताव रखे। उन्होंने माइक्रो-ड्रिप सिंचाई, क्लाइमेट-कंट्रोल्ड ग्रीनहाउस (मौसम-नियंत्रित ग्रीनहाउस), ड्रोन-इनेबल्ड लॉजिस्टिक्स (ड्रोन से सामान पहुंचाना) और सुरक्षा समाधान जैसे क्षेत्रों में मिजोरम में अवसरों पर प्रेजेंटेशन दिए। ये तकनीकें खेती और अन्य कामों को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं।
अदरक की प्रोसेसिंग और उसके बाजार विकास पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसमें मिजोरम के प्रोसेस्ड अदरक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के अवसरों पर भी बात की गई। मिजोरम बड़े पैमाने पर अदरक का उत्पादन करता है और इस क्षेत्र में इसका योगदान काफी बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए नीति आयोग ने पहले ही मिजोरम को "भारत की अदरक राजधानी" घोषित किया था।
मुख्यमंत्री ने पहले भी कहा था कि राज्य सरकार मिजोरम के अदरक की बेहतरीन क्वालिटी और जीआई (ज्योग्राफिकल इंडिकेशन) टैग स्टेटस का फायदा उठाना चाहती है। इसका उद्देश्य इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक प्रीमियम कृषि उत्पाद के रूप में स्थापित करना है। जीआई टैग का मतलब है कि यह अदरक अपनी खास गुणवत्ता और उत्पत्ति के कारण पहचाना जाता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने और मिजोरम की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य के जीआई-टैग वाले अदरक के उत्पादन, वैल्यू एडिशन (उत्पाद को मूल्यवान बनाना) और बाजार तक पहुंच को बेहतर बनाने की कोशिशें तेज की जा रही हैं।
सोमवार की बैठक में मंत्री सी. लालसाविवुंगा, लालथानसांगा, पी.सी. वनलालरुता, राज्यसभा सांसद के. लालतलुआंगकिमा, मुख्यमंत्री के सलाहकार लालमुआनपुइया पुंटे, के.सी. लालमालसावमजाउवा और कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी शामिल हुए। यह बैठक मिजोरम के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, खासकर कार्बन ट्रेडिंग, अदरक और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में।