इथेनॉल मिश्रित ईंधन से गाड़ियों में खराबी की जांच की मांग, रामदास अठावले ने कहा - जरूरत पड़ी तो इथेनॉल पर पाबंदी

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Navbharat Times
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इथेनॉल मिश्रित ईंधन से गाड़ियों में आ रही खराबी की शिकायतों पर सरकार से जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने का फैसला लिया गया था, लेकिन अगर इससे वाहनों को नुकसान हो रहा है तो इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर इथेनॉल पर पाबंदी लगाने पर भी विचार किया जाना चाहिए। अठावले ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं पर भी टिप्पणी की और कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी और अठावले की जोड़ी है, तब तक राहुल गांधी के आगे आने की संभावना नहीं है। उन्होंने विपक्ष से सरकार पर लगातार आरोप लगाने के बजाय देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करने की अपील की।

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इथेनॉल मिश्रित ईंधन के कारण गाड़ियों में आ रही खराबी की शिकायतों को लेकर सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इथेनॉल के उत्पादन को बढ़ावा देने का निर्णय किसानों के आर्थिक हित को ध्यान में रखकर लिया गया था, क्योंकि उन्हें चीनी की तुलना में इथेनॉल से अधिक लाभ मिल सकता था। यह अध्ययन के बाद ही सरकार ने इथेनॉल उत्पादन को मंजूरी दी थी। अठावले ने कहा कि अब तक सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन पिछले एक-दो महीनों में वाहनों के खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था कि इथेनॉल के कारण गाड़ी खराब हो रही हो।
"अगर वाहनों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आती है तो इसका वैज्ञानिक और तकनीकी स्तर पर अध्ययन किया जाना चाहिए," अठावले ने कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह जांचना भी जरूरी है कि वास्तव में किन वाहनों में खराबी आई है और उसके पीछे असली कारण क्या है। केवल शिकायतों के आधार पर किसी नतीजे पर पहुंचने के बजाय, पूरे मामले का गहन अध्ययन आवश्यक है। यदि जांच में यह साबित हो जाता है कि इथेनॉल की वजह से गाड़ियों को नुकसान हो रहा है, तो सरकार को इस दिशा में उचित और निर्णायक कदम उठाना चाहिए।

इथेनॉल एक प्रकार का अल्कोहल है जिसे गन्ने, मक्के जैसे कृषि उत्पादों से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इस्तेमाल किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आयातित कच्चे तेल पर देश की निर्भरता कम करना और किसानों की आय बढ़ाना है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इथेनॉल की अधिक मात्रा कुछ पुराने या विशेष प्रकार के वाहनों के इंजन और ईंधन प्रणाली को नुकसान पहुंचा सकती है।

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें ऐसा नहीं लगता कि राहुल गांधी को जल्द ही प्रधानमंत्री पद मिलने वाला है। अठावले ने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी और अठावले की जोड़ी है, तब तक राहुल गांधी के आगे आने की संभावना बहुत कम है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में जनता जो भी फैसला करेगी, वह उन्हें स्वीकार होगा।

"देश में 'वन मैन, वन वोट, वन वैल्यू' का सिद्धांत है और जिस राजनीतिक दल या गठबंधन को बहुमत मिलेगा, वही सत्ता में आएगा," अठावले ने कहा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए कार्यों के आधार पर जनता एक बार फिर एनडीए को सत्ता में लाएगी। अठावले का मानना है कि मोदी सरकार ने देश के लिए बहुत अच्छे काम किए हैं और उन्हें उम्मीद है कि जनता 2029 में भी उन्हें अपना समर्थन देगी।

केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी से सरकार पर लगातार आरोप लगाने की बजाय देश के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार के साथ मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने और सुझाव देने का पूरा अधिकार है, लेकिन केवल आरोप लगाने से देश का विकास नहीं हो सकता। अठावले ने राहुल गांधी के संसद में प्रधानमंत्री मोदी को गले लगाने की पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन देश के विकास के लिए दोनों पक्षों को संसद में खुलकर चर्चा करनी चाहिए और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए।

"विपक्षी दलों को सरकार से यह कहना चाहिए कि किसी क्षेत्र में क्या सुधार किया जाना चाहिए और सरकार को भी सकारात्मक सुझावों पर विचार करना चाहिए। इस तरह सरकार और विपक्ष साथ मिलकर काम करेंगे तो देश का विकास तेजी से हो सकता है," अठावले ने कहा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक-दूसरे पर लगातार आरोप लगाने से न तो समस्याओं का समाधान होता है और न ही विकास की गति तेज होती है।

अठावले ने बताया कि सरकार की पूरी कोशिश है कि विपक्ष को साथ लेकर देश को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस आह्वान का भी उल्लेख किया, जिसमें सभी राजनीतिक दलों से मिलकर देश के विकास के लिए काम करने की बात कही गई है। अठावले ने राहुल गांधी से अपील करते हुए कहा कि उन्हें रोजाना सरकार पर उल्टे-सीधे आरोप लगाने के बजाय सकारात्मक मुद्दों पर सरकार का सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सरकार जहां देश के लिए नीतियां बनाती है, वहीं विपक्ष उन नीतियों की समीक्षा कर बेहतर सुझाव दे सकता है। ऐसे में राजनीतिक टकराव के बजाय देशहित को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है। अठावले ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य देश को आगे बढ़ाना है और इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

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