कुलदीप वत्स का भाजपा पर आरोप: दीपेंद्र हुड्डा को बदनाम करने की साजिश, कहा राजनीति से संन्यास ले लेंगे अगर सबूत मिले
कुलदीप वत्स का भाजपा पर आरोप: दीपेंद्र हुड्डा को बदनाम करने की साजिश, कहा- राजनीति से संन्यास ले लेंगे अगर सबूत मिले
NewsPoint•
झज्जर, 24 अगस्त। कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने सोमवार को पार्टी सांसद दीपेंद्र हुड्डा को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपा आईटी सेल पर दीपेंद्र हुड्डा की छवि खराब करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। वत्स ने कहा कि अगर कोई यह साबित कर दे कि दीपेंद्र हुड्डा ने सज्जन कुमार को अपना रोल मॉडल बताया है, तो वह राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा बहुत सम्मानित नेता हैं और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। यह विवाद कांग्रेस नेता कुलदीप शर्मा के एक पत्र के बाद शुरू हुआ था, जिसमें दीपेंद्र हुड्डा के कथित बयान पर नाराजगी जताई गई थी।
कुलदीप वत्स ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि हुड्डा और कुलदीप शर्मा के रिश्ते अच्छे हैं, उनमें मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं। उन्होंने कहा कि कुलदीप शर्मा को सीधे राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल से बात करनी चाहिए थी, न कि चिट्ठी लिखनी चाहिए थी जो भाजपा नेताओं के हाथ लग रही है। वत्स ने पंजाब के चन्नी द्वारा लिखे गए पत्र का भी जिक्र किया और कहा कि यह संयोग नहीं हो सकता।वत्स ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब चुनाव को देखते हुए भाजपा का एजेंडा तय है और वे किसी भी तरह से चुनाव को प्रभावित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब वीरों की धरती है और भाजपा चाहे जितनी कोशिश कर ले, लोग उनके बहकावे में नहीं आएंगे। दीपेंद्र हुड्डा के बचाव में उतरते हुए वत्स ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए समाज को बांटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी कौम या धर्म बुरा नहीं होता, कुछ लोग बुरे हो सकते हैं। दीपेंद्र हुड्डा ने साफ कहा है कि अगर किसी साथी को उनकी बात बुरी लगी हो तो वह माफी चाहते हैं। उनका किसी भी समाज के प्रति कोई द्वेष नहीं है।
जाति-धर्म की राजनीति पर भड़कते हुए वत्स ने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सब भाई-भाई हैं और कुछ नेता समाज को दूषित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने तीखा बयान देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस का नेता भी नफरत की भाषा बोलेगा तो पार्टी मजबूत नहीं होगी। वत्स ने दोहराया कि दीपेंद्र हुड्डा सभी धर्मों और समाजों का सम्मान करते हैं और उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है ताकि कांग्रेस को कमजोर किया जा सके।
दरअसल, यह पूरा मामला तब गरमाया जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप शर्मा ने एक पत्र लिखकर दीपेंद्र हुड्डा के एक कथित बयान पर आपत्ति जताई थी। इस पत्र में कहा गया था कि दीपेंद्र हुड्डा ने सज्जन कुमार को अपना रोल मॉडल बताया है। इस आरोप पर कुलदीप वत्स ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और भाजपा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा जैसे सम्मानित नेता को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
वत्स ने यह भी कहा कि कुलदीप शर्मा को पार्टी के शीर्ष नेताओं से सीधे बात करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि कुलदीप शर्मा का पत्र जिस तरह से भाजपा नेताओं के पास पहुंचा, वह चिंताजनक है। उन्होंने पंजाब चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा पंजाब में माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि लोग भाजपा के बहकावे में नहीं आएंगे।
वत्स ने समाज को बांटने की राजनीति की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा ने हमेशा सभी समुदायों का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता को जाति या धर्म के नाम पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नफरत की भाषा से पार्टी कमजोर होती है। उन्होंने फिर से दोहराया कि दीपेंद्र हुड्डा को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है ताकि कांग्रेस को कमजोर किया जा सके।