मणिपुर में दो गुटों में गोलीबारी, सीआरपीएफ जवान घायल, NH-2 पर नाकेबंदी

NewsPoint
nh 2
मणिपुर के सेनापति जिले में सोमवार को दो समुदायों के बीच हुई गोलीबारी में सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया और दो घरों में आग लगा दी गई। इस घटना के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और नेशनल हाईवे-2 पर नाकेबंदी कर दी गई, जिससे अंतर-राज्यीय परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं। नागा और कुकी आदिवासी समुदायों के बीच बढ़ते तनाव के बीच तापहो गांव में यह हिंसा भड़की, जिसमें एक कुकी व्यक्ति का घर जला दिया गया और उसके बाद सेनापति जिले के नागा तापहो गांव में एक और घर जला दिया गया। गोलीबारी में सीआरपीएफ के एक सब-इंस्पेक्टर को गोली लगी, लेकिन वे खतरे से बाहर हैं।

सेनापति जिले के तापहो गांव में सोमवार को हुई हिंसा ने मणिपुर में समुदायों के बीच तनाव को फिर से बढ़ा दिया। इस घटना में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का एक जवान घायल हो गया और दो घरों को आग के हवाले कर दिया गया। इस आगजनी और गोलीबारी के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नेशनल हाईवे-2 को जाम कर दिया, जिससे मणिपुर, नागालैंड और असम के बीच चलने वाली अंतर-राज्यीय बस सेवाएं बाधित हुईं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह हिंसा नागा और कुकी आदिवासी समुदायों के बीच चल रहे तनाव का नतीजा है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि तापहो कुकी गांव में एक घर में आग लगाई गई। इसके तुरंत बाद, सेनापति जिले के नागा तापहो गांव में एक और घर जला दिया गया। इन आगजनी की घटनाओं के बाद दोनों समुदायों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। इस गोलीबारी में सीआरपीएफ की 36वीं बटालियन के सब-इंस्पेक्टर (जनरल ड्यूटी) प्रदीप सिंह के बाएं पैर में गोली लग गई। उन्हें तुरंत सेनापति जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि वे खतरे से बाहर हैं।

खबरों के मुताबिक, जिन दो घरों को जलाया गया था, उनमें से एक घर कुकी समुदाय के व्यक्ति का था और दूसरा घर पोउमाई नागा समुदाय के सदस्य का था। आगजनी और उसके बाद हुई गोलीबारी के पीछे के कारणों का तुरंत पता नहीं चल सका है। साथ ही, इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान के बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है।

इस हिंसा के बाद, स्थिति को और बिगड़ने से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तापहो और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। इन घटनाओं के विरोध में सेनापति में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सेनापति गेट के पास जमा होकर सड़क पर जलती हुई लकड़ियां, टायर और मलबा डालकर नेशनल हाईवे-2 को जाम कर दिया। इस जाम के कारण इंफाल-दीमापुर हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई।

तापहो विलेज अथॉरिटी ने कुकी समुदाय के व्यक्ति के घर को जलाने की घटना की कड़ी निंदा की है। अथॉरिटी ने मांग की है कि दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। अथॉरिटी ने अपने बयान में कहा है कि आगजनी में कथित तौर पर शामिल लोगों को सामने आने और कुकी पारंपरिक कानून के तहत मामले को सुलझाने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है।

कुछ स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि हथियारों से लैस कुकी समूह लियांगमाई नागा गांव पर हमला कर रहे थे। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। सुरक्षा बल इस संवेदनशील इलाके में स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और आगे किसी भी घटना को रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

इस घटना के कारण सोमवार को नेशनल हाईवे-2 से होकर चलने वाली इंफाल-दीमापुर-गुवाहाटी रूट पर मणिपुर, नागालैंड और असम के बीच चलने वाली सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। मणिपुर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों के अनुसार, सेनापति जिले के तापहोऊ गांव में पैदा हुए हालात की वजह से गाड़ियों को निकलने में देरी हुई।

सरकार के समय पर हस्तक्षेप और लोगों के सहयोग से स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सका। इसके चलते, सोमवार सुबह दीमापुर (नागालैंड) और असम के गुवाहाटी के लिए रवाना होने वाली गाड़ियां दोपहर में रवाना हुईं। इस घटना में शामिल दोनों पक्ष इलाके में शांति बनाए रखने पर सहमत हो गए हैं।

वाहनों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हाईवे के संवेदनशील हिस्सों पर सुरक्षा बलों के पर्याप्त जवान और रोड ओपनिंग पार्टियां (आरओपी) तैनात की गई हैं। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखते हुए नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

रेकमेंडेड खबरें