वित्त मंत्री सीतारमण ने कनाडाई कंपनियों से भारत में निवेश के अवसरों को तलाशने की अपील की

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टोरंटो, 27 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कनाडा की बड़ी कंपनियों के सीईओ और वरिष्ठ अधिकारियों से भारत में निवेश के नए अवसरों को तलाशने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि भारत में निवेशकों के लिए माहौल बहुत अच्छा है, टैक्स को लेकर भी स्पष्टता है और लगातार सुधार हो रहे हैं। यह बात उन्होंने टोरंटो में एक हाई-लेवल बिजनेस राउंडटेबल में कही। इस बैठक में क्लीन टेक्नोलॉजी, जरूरी मिनरल्स, एनर्जी स्टोरेज, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्रीकल्चर, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोटिव, टेक्सटाइल्स, ग्रीन स्टील, एयरोस्पेस, स्पेस, साइबर सिक्योरिटी, बायोटेक्नोलॉजी, एआई, एसेट मैनेजमेंट, हायर एजुकेशन और स्किल्स डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों के बड़े कारोबारी नेता शामिल हुए।

वित्त मंत्री सीतारमण ने ओंटारियो टीचर्स पेंशन प्लान (ओटीपीपी) की प्रेसिडेंट और सीईओ जो टेलर से भी मुलाकात की। उन्होंने भारत में ओटीपीपी के लंबे समय से चले आ रहे भरोसे और एनआईआईएफ (नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड) के साथ उसकी साझेदारी की तारीफ की। दोनों के बीच इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे पार्टनरशिप और मिलकर निवेश करके ओटीपीपी भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में और ज्यादा पैसा लगा सकता है। इसमें बिजली पहुंचाने वाले ट्रांसमिशन, ट्रांसपोर्ट, शहरी विकास और रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
वित्त मंत्री सीतारमण ने ग्लोबल निवेशकों के लिए गिफ्ट-आईएफएससी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) को एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म बताया। उन्होंने ओटीपीपी को भारत के साथ अपने रिश्ते को और मजबूत करने और यहां बड़े निवेश के मौके तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।

इसके अलावा, उन्होंने ओएमईआरएस (ऑन्टारियो म्युनिसिपल एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम) के प्रेसिडेंट और सीईओ ब्लेक हचेसन से भी मुलाकात की। उन्होंने भारत में ओएमईआरएस के लगातार बने भरोसे की सराहना की। मंत्री ने ओएमईआरएस को इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट में अपने निवेश को और बढ़ाकर भारत के साथ अपने लंबे समय के रिश्ते को और गहरा करने के लिए कहा। इस बातचीत में ट्रांसपोर्टेशन, ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल एनर्जी, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में मौजूद अवसरों पर खास ध्यान दिया गया। इस बात पर जोर दिया गया कि भारत की मजबूत आर्थिक ग्रोथ, बढ़ते मध्यम वर्ग और इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती जरूरतों का फायदा उठाया जा सकता है।

वित्त मंत्री ने भारत के निवेशक-अनुकूल नीतिगत माहौल, टैक्स से जुड़ी ज्यादा निश्चितता और लगातार हो रहे सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने ओएमईआरएस को भारत के अलग-अलग सेक्टरों और इलाकों में नए मौके और पार्टनरशिप तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।

कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (सीपीपीआईबी) के प्रेसिडेंट और सीईओ जॉन ग्राहम के साथ हुई बैठक में, मंत्री ने भारत में उनके लगातार भरोसे और भारत के प्रति उनकी लंबी अवधि की प्रतिबद्धता की सराहना की। इसमें एनआईआईएफ इंफ्रा फंड II में उनका निवेश भी शामिल है। इस बातचीत में मुख्य रूप से ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल एनर्जी, सड़कों, बंदरगाहों, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटरों जैसे क्षेत्रों में इंस्टीट्यूशनल कैपिटल (संस्थागत पूंजी) के लिए अवसर बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि इस राउंडटेबल में कई अहम क्षेत्रों के बिजनेस लीडर्स एक साथ आए। इन क्षेत्रों में क्लीन टेक्नोलॉजी (स्वच्छ तकनीक), जरूरी मिनरल्स (खनिज), रेयर अर्थ्स (दुर्लभ धातुएं), एनर्जी स्टोरेज (ऊर्जा भंडारण), सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर (टिकाऊ बुनियादी ढांचा), एग्रीकल्चर (कृषि), फूड प्रोसेसिंग (खाद्य प्रसंस्करण), ऑटोमोटिव (वाहन निर्माण), टेक्सटाइल्स (वस्त्र), ग्रीन स्टील (हरित इस्पात), एयरोस्पेस (विमानन), स्पेस (अंतरिक्ष), साइबर सिक्योरिटी (साइबर सुरक्षा), बायोटेक्नोलॉजी (जैव प्रौद्योगिकी), एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), एसेट मैनेजमेंट (संपत्ति प्रबंधन), हायर एजुकेशन (उच्च शिक्षा) और स्किल्स डेवलपमेंट (कौशल विकास) शामिल हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कनाडा की कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि भारत में एक ऐसा माहौल है जो निवेशकों को पसंद आता है। उन्होंने टैक्स को लेकर भी स्पष्टता का भरोसा दिलाया और बताया कि भारत सरकार लगातार ऐसे सुधार कर रही है जिससे व्यापार करना आसान हो। उन्होंने कनाडा की कंपनियों से कहा कि वे भारत के अलग-अलग हिस्सों और विभिन्न उद्योगों में नए अवसरों और साझेदारी की संभावनाओं को जरूर देखें।

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