कर्नाटक में सूखे का ऐलान: 102 तालुकों पर सरकार का फैसला, कैबिनेट बैठक में होगी चर्चा
कर्नाटक में सूखे का ऐलान: 102 तालुकों पर सरकार का फैसला, कैबिनेट बैठक में होगी चर्चा
NewsPoint•
कर्नाटक के डिप्टी सीएम और राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने बुधवार को बताया कि राज्य सरकार सूखे की स्थिति का पूरा जायजा ले रही है. उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत की रिपोर्टों की जांच के बाद, सरकार अपनी अगली कैबिनेट बैठक में 102 तालुकों में सूखे की घोषणा कर सकती है. बेंगलुरु में अपने घर के पास पत्रकारों से बात करते हुए, परमेश्वर ने बताया कि सरकार को 102 तालुकों से जमीनी हकीकत की रिपोर्टें मिली हैं और इन पर अगली कैबिनेट बैठक में चर्चा होगी. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार केंद्र द्वारा तय किए गए मानकों के अनुसार ही सूखे का ऐलान करेगी और हर हफ्ते सूखे की स्थिति की समीक्षा की जाएगी.
परमेश्वर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने भी सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए अपनी टीमें बनाई थीं, लेकिन उन्होंने न तो विधानसभा में अपनी रिपोर्ट पर चर्चा की और न ही मुख्यमंत्री या राजस्व मंत्री को कोई रिपोर्ट या ज्ञापन सौंपा. उन्होंने कहा कि राज्य में पीने के पानी की भारी कमी है और किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं. विपक्ष को इन मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए और सुझाव देने चाहिए, लेकिन इसके बजाय वे विधानसभा में राजनीति कर रहे हैं.पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस बयान पर कि उन्होंने कांग्रेस आलाकमान से परमेश्वर को डिप्टी सीएम बनाने का आग्रह किया था, परमेश्वर ने पुष्टि की कि यह सच है. उन्होंने बताया कि जब सिद्धारमैया ने इस्तीफा दिया था, तब उन्होंने कहा था कि परमेश्वर को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए. हालांकि, आलाकमान ने इस पर विचार नहीं किया. इसके बाद, सिद्धारमैया ने यह भी कहा था कि उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जाना चाहिए.
मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की संभावना के बारे में पूछे जाने पर, परमेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बुधवार या गुरुवार को दिल्ली जाने वाले हैं. अगर वे कांग्रेस आलाकमान से मिलते हैं, तो इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है. उन्होंने कैबिनेट में फेरबदल की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा कोई भी फैसला आलाकमान पर निर्भर करेगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी चार्जशीट में नागेंद्र का नाम नहीं है. उन्होंने कहा, "मैं गृह मंत्री रह चुका हूं और मुझे इस बारे में जानकारी है." इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए या नहीं, इस पर फैसला कैबिनेट में चर्चा के बाद लिया जाएगा. परमेश्वर ने भाजपा पर इस मुद्दे पर पदयात्रा निकालकर राजनीतिक हथकंडे अपनाने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "हमने कहा था कि हम विधानसभा में सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं. वे अब विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं."
पार्क की जमीन के पांच प्रतिशत हिस्से के प्रस्तावित इस्तेमाल के विरोध पर परमेश्वर ने कहा कि जमीन का इस्तेमाल सार्वजनिक कार्यों के लिए किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जब कॉरपोरेशन इस मामले पर कोई ठोस फैसला लेगा, तब स्थिति साफ हो जाएगी. सड़क के किनारे खड़ी गाड़ियों के लिए शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर परमेश्वर ने कहा कि जब वे बेंगलुरु के प्रभारी मंत्री थे, तब भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी. उन्होंने कहा, "सड़कें लोगों के आने-जाने के लिए होती हैं. अगर दोनों तरफ गाड़ियां खड़ी हों, तो सड़कें ही दिखाई नहीं देतीं." इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है और फैसला बाद में पता चलेगा.
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस बयान पर कि असमानता को खत्म करने के लिए आरक्षण और आंतरिक आरक्षण जरूरी हैं, परमेश्वर ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही आंतरिक आरक्षण लागू कर चुकी है. उन्होंने कहा, "आंतरिक आरक्षण अब एक तय मामला है. हमारी सरकार ने कई सालों तक चले संघर्ष के बाद आंतरिक आरक्षण लागू किया."
जी. परमेश्वर ने यह भी बताया कि सरकार 102 तालुकों में सूखे की घोषणा करने की तैयारी में है. यह फैसला जमीनी हकीकत की रिपोर्टों की जांच के बाद लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार केंद्र के तय मानकों का पालन करेगी और हर हफ्ते स्थिति की समीक्षा करेगी. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे सूखे जैसे गंभीर मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं, जबकि सरकार किसानों की मदद के लिए काम कर रही है.
परमेश्वर ने मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की अटकलों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दिल्ली जाकर कांग्रेस आलाकमान से मिल सकते हैं और इस पर चर्चा कर सकते हैं. उन्होंने कैबिनेट फेरबदल की खबरों को भी खारिज किया और कहा कि यह आलाकमान का फैसला होगा. उन्होंने यह भी साफ किया कि नागेंद्र का नाम किसी चार्जशीट में नहीं है और सीबीआई जांच का फैसला कैबिनेट में होगा.
पार्क की जमीन के इस्तेमाल और सड़क किनारे पार्किंग शुल्क के प्रस्तावों पर भी परमेश्वर ने अपनी राय दी. उन्होंने कहा कि पार्क की जमीन का इस्तेमाल सार्वजनिक कामों के लिए होगा और पार्किंग शुल्क का प्रस्ताव सड़कों को सुगम बनाने के लिए है. उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर अभी बातचीत चल रही है और अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा.
आरक्षण और आंतरिक आरक्षण पर सिद्धारमैया के बयान का जवाब देते हुए, परमेश्वर ने कहा कि कर्नाटक सरकार पहले ही आंतरिक आरक्षण लागू कर चुकी है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह एक महत्वपूर्ण फैसला था जो कई सालों के संघर्ष के बाद लिया गया.
कुल मिलाकर, जी. परमेश्वर ने राज्य में सूखे की स्थिति, राजनीतिक मुद्दों और विकास परियोजनाओं पर सरकार के रुख को स्पष्ट किया. उन्होंने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया और सरकार के कामों को जनता के सामने रखा.