सोनम वांगचुक ने वंदे भारत ट्रेन की तारीफ की, परीक्षा सुधारों पर जताई उम्मीद

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Navbharat Times
जाने-माने शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भारतीय रेलवे की जमकर तारीफ की है। उन्होंने दिल्ली से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन में अपनी यात्रा का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें ट्रेन से यात्रा करना बहुत पसंद है। वांगचुक ने चिनाब नदी पर बने पुल को देखकर भी खुशी जताई और कहा कि उन्हें भारतीय रेलवे पर गर्व है। इसके साथ ही, उन्होंने सरकार से युवाओं में भरोसा जगाने और परीक्षा सुधारों को शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव लाने की दिशा में एक कदम के रूप में देखने की अपील की। वांगचुक ने यह भी याद दिलाया कि सरकार ने विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने का वादा किया था और उन्होंने इस वादे को पूरा करने का आग्रह किया।

सोनम वांगचुक ने हाल ही में लद्दाख में अपने घर लौटते हुए अपनी यात्रा की शुरुआत ट्रेन से की। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहली बार दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली वंदे भारत ट्रेन में सफर किया। यह उनके लिए एक शानदार अनुभव था। उन्होंने कहा, "जैसा कि मैंने पहले कहा था, हम लद्दाख के लिए एक दिन पहले निकले थे। हमने अपनी यात्रा ट्रेन से शुरू की, और मुझे ट्रेन से यात्रा करना बहुत पसंद है। मैंने पहली बार दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली वंदे भारत ट्रेन में यात्रा की।" चिनाब नदी पर बने पुल को देखकर वे बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा, "मैं चिनाब नदी पर बने पुल को देखना चाहता था। यह एक शानदार अनुभव था। मुझे भारतीय रेलवे पर गर्व है।" कश्मीर में एक दिन रुकने के बाद, वे लद्दाख की ओर बढ़ रहे हैं।
वांगचुक ने मोदी सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए परीक्षा सुधारों से जुड़े बिल पर भी अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये सुधार सिर्फ परीक्षाओं तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि देश की पूरी शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव लाएंगे। उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि ये सुधार सिर्फ़ परीक्षाओं तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हमारे देश की शिक्षा प्रणाली में बड़े पैमाने पर सुधार लाएंगे।"

इसके साथ ही, वांगचुक ने सरकार से एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि वह शुरू में उनके साथ और बाद में CJP नेताओं के साथ किए गए लिखित समझौतों का पालन करे। इन समझौतों में यह बात शामिल थी कि विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई या FIR दर्ज नहीं की जाएगी। वांगचुक ने कहा, "इसके अलावा, मैं सरकार से अपील करना चाहता हूँ कि वह शुरू में मेरे साथ लिखित रूप में और बाद में CJP नेताओं के साथ किए गए समझौतों का पालन करे, जिनमें कहा गया था कि विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के ख़िलाफ़ कोई कानूनी कार्रवाई या FIR दर्ज नहीं की जाएगी।"

उन्होंने सरकार से देश के युवाओं, खासकर छात्रों के बीच भरोसे का माहौल बनाने का आग्रह किया। उनका मानना है कि इससे सभी मिलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं और एक महान भारत का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "मैं सरकार से अनुरोध करता हूँ कि वह देश के युवाओं, खासकर छात्रों के बीच भरोसे का माहौल बनाए, ताकि हम सब मिलकर राष्ट्र निर्माण के लिए काम कर सकें और एक महान भारत बनाने की कोशिश कर सकें।"

सोनम वांगचुक हाल ही में लद्दाख में अपने घर लौट रहे हैं। उन्होंने हाल ही में CJP द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था और भूख हड़ताल भी की थी। उनकी यह हड़ताल 26 दिनों तक चली थी, जिसके बाद सरकार ने उनकी मांगों को मान लिया था।

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