डोलासन: योग से पाएं थकान, सिरदर्द और तनाव से राहत, जानें फायदे

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 30 जुलाई। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर गलत खान-पान और एक जगह देर तक बैठे रहने की वजह से बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में, बीच-बीच में थोड़ा समय निकालकर योग करना शरीर को फिर से तरोताजा कर सकता है। डोलासन एक ऐसी ही योग मुद्रा है जो शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। यह हठ योग का एक हिस्सा है और दो शब्दों से मिलकर बना है: ‘डोल’ जिसका मतलब है ‘झूलना’ और ‘आसन’ जिसका मतलब है ‘योग मुद्रा’। इस आसन को नियमित रूप से करने से थकान, सिरदर्द और तनाव से राहत मिलती है।

डोलासन करते समय, शरीर के ऊपरी हिस्से को पेंडुलम की तरह आगे-पीछे झुलाया जाता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी इस आसन के महत्व पर जोर दिया है। मंत्रालय के अनुसार, डोलासन (पेंडुलम या झूलने की मुद्रा) एक गतिशील योगासन है। यह शरीर के लचीलेपन को बढ़ाता है, रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और संतुलन को बेहतर बनाता है।
इस आसन के नियमित अभ्यास से पेट और कोर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यह पीठ के निचले हिस्से में खिंचाव पैदा करके दर्द को कम करने में भी सहायक है। डोलासन हैमस्ट्रिंग, यानी जांघ के पीछे की नसों को टोन करता है। साथ ही, यह रीढ़ की नसों को सक्रिय करके रीढ़ को लचीला बनाता है।

डोलासन करना बहुत आसान है। सबसे पहले, दोनों पैरों को थोड़ा चौड़ा करके सीधे खड़े हो जाएं। फिर, गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को आपस में फंसाएं और सिर के पीछे रखें। सांस छोड़ते हुए, अपने धड़ (ऊपरी पेट वाले हिस्से) को घड़ी के पेंडुलम की तरह दाएं से बाएं और बाएं से दाएं झुलाएं। इस दौरान, शरीर का ऊपरी हिस्सा घड़ी के पेंडुलम की तरह गति करता है।

रोजाना सिर्फ 1-2 मिनट इस आसन को करने से शरीर में हल्कापन और ऊर्जा महसूस होती है। शुरुआत में इस आसन को करने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है, लेकिन जैसे-जैसे आप इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे, यह धीरे-धीरे आपकी आदत बन जाएगी।

हालांकि, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि सिर्फ योगासन करने से ही फायदा नहीं होता। इसके साथ-साथ संतुलित आहार का सेवन करना भी बहुत जरूरी है। तभी किसी भी आसन का पूरा लाभ मिल पाता है।

कुछ खास बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) वाले लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए। अगर आपको हर्निया या कमर में गंभीर दर्द है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। – एनएस/

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