जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर रखी पार्टी की बात, एनडीए की एकता पर जोर
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर रखी पार्टी की बात, एनडीए की एकता पर जोर
NewsPoint•
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कई राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने चिराग पासवान के उत्तर प्रदेश चुनाव लड़ने के फैसले को जायज बताया। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की सराहना की। कांग्रेस नेता के नामांकन रद्द होने पर कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की सलाह दी। एनडीए की बैठक को एकता का प्रदर्शन बताया।
पटना, 10 जून। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने बुधवार को विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान की संभावित एंट्री को लेकर कहा कि हर राजनीतिक दल को अपना संगठन बढ़ाने का हक है और एलजेपी (रामविलास) का यह फैसला जायज है। नीरज कुमार ने यह भी कहा कि एनडीए का नेतृत्व गठबंधन की सभी सहयोगी पार्टियों के बीच तालमेल बिठाने में सक्षम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल पर उन्होंने कहा कि यह जनता के जनादेश का परिणाम है और यह दर्शाता है कि मतदाता क्या चाहते हैं। कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन पत्र खारिज होने के मामले में नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि रिटर्निंग ऑफिसर को ऐसा फैसला लेने का अधिकार होता है और यदि किसी को आपत्ति है तो कानूनी प्रावधानों की जांच करनी चाहिए, न कि राजनीतिक आलोचना करनी चाहिए। दिल्ली में होने वाली एनडीए की बैठक को नीरज कुमार ने सामूहिक एकता का प्रदर्शन बताया, जहां कार्यों की समीक्षा और उन पर गर्व किया जाएगा। राजद द्वारा निशांत कुमार की शैक्षणिक योग्यता पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि निशांत कुमार ने सच बताने का साहस किया और तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि वे खुद को बड़ा बताते हैं और दूसरों पर आरोप लगाते हैं। पंजाब में कारोबारियों पर ईडी की कार्रवाई को लेकर अरविंद केजरीवाल के बयान पर नीरज कुमार ने कहा कि देश की संवैधानिक व्यवस्था मजबूत है और सिख समुदाय भड़काने के प्रयासों से प्रभावित नहीं होगा, हालांकि ऐसे बयान देने वालों का वोट बैंक प्रभावित हो सकता है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की स्थिति पर उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के रुख के कारण पार्टी में भगदड़ मचना स्वाभाविक है और नीतियों को लेकर भी एकजुटता नहीं है। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर दिए गए विवादित बयान पर नीरज कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि 420 के आरोपी और एक दोषसिद्ध नेता के बेटे से ऐसी भाषा की उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने तेजस्वी यादव से सरकारी बंगला और सुरक्षा लौटाने की मांग की और 1990 से 2005 तक की सुरक्षा सुविधाओं पर श्वेत पत्र जारी करने को कहा।
नीरज कुमार ने उत्तर प्रदेश में चिराग पासवान की पार्टी के चुनाव लड़ने के फैसले को पूरी तरह से जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल को यह अधिकार है कि वह अपने संगठन का विस्तार करे और चुनाव लड़े। एलजेपी (रामविलास) ने उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जो कि एक स्वाभाविक और उचित कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि एनडीए का नेतृत्व, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हैं, गठबंधन की सभी सहयोगी पार्टियों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय स्थापित करने में पूरी तरह सक्षम है। यह एनडीए की सामूहिक ताकत को दर्शाता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल पर टिप्पणी करते हुए नीरज कुमार ने कहा कि यह सब जनता द्वारा दिए गए जनादेश का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को जनता के विश्वास के अनुसार काम करने का अवसर मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यकाल अब जवाहरलाल नेहरू से भी लंबा हो गया है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वाभाविक रूप से, प्रधानमंत्री एनडीए गठबंधन का नेतृत्व करते हैं और संसदीय दल के नेता हैं। यह पूरा दौर जनता द्वारा दिए गए जनादेश पर आधारित है और यह मतदाताओं की इच्छा को दर्शाता है कि वे किसे अपना नेता चुनना चाहते हैं।
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन पत्र खारिज होने के मामले पर जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि यदि किसी का नामांकन पत्र खारिज होता है, तो रिटर्निंग ऑफिसर को ऐसा फैसला लेने का पूरा अधिकार होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रिटर्निंग ऑफिसर किसी भी राजनीतिक दल का सदस्य नहीं होता है, बल्कि वह एक निष्पक्ष अधिकारी होता है। इसलिए, यदि उनके फैसले पर किसी को आपत्ति है, तो राजनीतिक आलोचना करने के बजाय उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जांच करना और उनका पालन करना सबसे बेहतर तरीका है। यह एक व्यवस्थित प्रक्रिया है जिसका पालन किया जाना चाहिए।
दिल्ली में आयोजित होने वाली एनडीए की बैठक को लेकर नीरज कुमार ने कहा कि यह बैठक सामूहिक एकता का एक मजबूत प्रदर्शन होगी। उन्होंने बताया कि इस बैठक में हम अपने पिछले कार्यों की समीक्षा करेंगे, उन पर विस्तार से चर्चा करेंगे और अपने द्वारा किए गए कामों पर गर्व करेंगे। यह बैठक भविष्य की रणनीतियों को तय करने और गठबंधन को और मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगी।
राजद द्वारा बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की शैक्षणिक योग्यता पर उठाए गए सवालों पर नीरज कुमार ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने सच को सच बताने का साहस दिखाया है और उन्होंने बातों को छिपाया नहीं है। नीरज कुमार ने राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि तेजस्वी यादव कभी खुद को बड़ा बताते हैं तो कभी अपने भाई तेज प्रताप यादव को। उन्होंने आरोप लगाया कि सैलरी घोटाला राजद के शासनकाल में हुआ और अब वे दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं। यह एक तरह से अपनी गलतियों को छिपाने का प्रयास है।
पंजाब में कारोबारियों पर ईडी की कार्रवाई को लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान पर नीरज कुमार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश की संवैधानिक व्यवस्था बहुत मजबूत है। खासकर सिख समुदाय और सिख रेजिमेंट का इतिहास बहुत गौरवशाली रहा है। गुरु गोविंद सिंह की महान परंपरा रही है। यदि कोई भड़काने का प्रयास करेगा तो कोई भी समुदाय उससे आसानी से भड़कने वाला नहीं है। हां, इतना जरूर है कि ऐसे अनर्गल बयान देने वालों का वोट बैंक जरूर प्रभावित हो सकता है, क्योंकि लोग समझदार हैं और सच्चाई को जानते हैं।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की स्थिति पर नीरज कुमार ने कहा कि टीएमसी में भगदड़ मचना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि उनकी नेता ममता बनर्जी ने स्वयं कहा है कि जिसे रहना है, वह रहे और जिसे जाना है, वह जाए। अब हालात वैसे ही पैदा हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि टीएमसी में नीतियों को लेकर भी एकजुटता नहीं है, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर दिए गए विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि यह कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति 420 का आरोपी हो और एक दोषसिद्ध नेता का बेटा हो, उससे ऐसी भाषा की अपेक्षा की जा सकती है। लेकिन असली सवाल तेजस्वी यादव से है। यदि उन्हें सरकारी बंगला और सुरक्षा नहीं चाहिए, तो उन्हें उसे लिखित रूप से लौटा देना चाहिए। साथ ही, उन्होंने तेजस्वी यादव से अपने माता-पिता से पूछकर एक श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। इस श्वेत पत्र में यह बताया जाना चाहिए कि 1990 से 2005 के शासनकाल में मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, विधायक, सांसद, पूर्व विधायक और पूर्व सांसदों को सुरक्षा संबंधी कौन-कौन सी सुविधाएं दी जाती थीं। नीरज कुमार ने कहा कि यह इसलिए जरूरी है क्योंकि ये लोग सुरक्षा लौटाते भी नहीं हैं और सुरक्षा पर प्रवचन भी देते हैं। यह दोहरा मापदंड है जिसे जनता देख रही है।