नरेंद्र मोदी का रिकॉर्ड कार्यकाल: राघव चड्ढा ने बताया ऐतिहासिक, नेहरू को पीछे छोड़ा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़कर भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रचा है। राघव चड्ढा ने इसे 140 करोड़ से अधिक लोगों वाले विविधतापूर्ण लोकतंत्र में असाधारण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि बार-बार जनता का भरोसा जीतना एक बड़ी बात है।

Navbharat Times
नई दिल्ली, 10 जून। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिकॉर्ड कार्यकाल को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक पल बताया है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में, जहां 140 करोड़ से अधिक लोग रहते हैं, किसी एक नेता को लगातार तीन बार जनता का विश्वास मिलना एक असाधारण उपलब्धि है। यह उपलब्धि पंडित जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे कार्यकाल को पीछे छोड़कर हासिल की गई है।

सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर यह बात कही। उन्होंने बताया कि 10 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पद पर लगातार 4,399 दिन पूरे किए। इस तरह उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के कार्यकाल को पार कर लिया। अब वे हमारे गणतंत्र के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बन गए हैं।
राघव चड्ढा ने इस बात पर जोर दिया कि यह कोई आम बात नहीं है। भारत कोई साधारण देश नहीं है। यह 140 करोड़ लोगों की एक महान सभ्यता है। यहां 22 अनुसूचित भाषाएं और सैकड़ों बोलियां बोली जाती हैं। विभिन्न धर्म, जातियां, समुदाय और पंथ के लोग एक साथ रहते हैं। अनगिनत क्षेत्र और जीवन-शैलियां हैं जो मिलकर भारत को एक अनूठा देश बनाती हैं। हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। हमारे यहां लगभग 98 करोड़ मतदाता हैं, जो पूरे यूरोप की आबादी से भी ज्यादा हैं। यह हमारे देश में होने वाली चुनावी प्रक्रिया को दुनिया की सबसे जटिल चुनावी प्रक्रियाओं में से एक बनाता है।

सांसद ने कहा कि इन 140 करोड़ लोगों ने बार-बार इसी नेता को देश की बागडोर सौंपी है। भारत की जनता ने लगातार तीन बार, 2014, 2019 और 2024 में, प्रधानमंत्री मोदी को चुना। हर बार यह भरोसे की एक नई मिसाल थी। इतने बड़े और विविध देश का भरोसा एक बार जीतना भी बहुत बड़ी बात है। लेकिन बिना किसी रुकावट के तीन बार यह भरोसा जीतना तो वाकई असाधारण है।

राघव चड्ढा ने पंडित जवाहरलाल नेहरू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की तुलना भी की। उन्होंने लिखा कि ये दोनों दौर कितने अलग-अलग थे। पंडित नेहरू को जनादेश गणतंत्र के शुरुआती दशकों में मिला था। उस समय एक ही पार्टी का दबदबा था और कांग्रेस एक युवा और बिखरे हुए विपक्ष के मुकाबले बहुत मजबूत स्थिति में थी। वहीं, नरेंद्र मोदी को जनादेश एक कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण लोकतंत्र में मिला है। यह ऐसा दौर था जब गठबंधन की राजनीति थी, मजबूत क्षेत्रीय ताकतें थीं और कई पार्टियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा थी।

सांसद ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस चुनौती का पूरी तरह से सामना किया। उन्होंने 2014 और 2019 में अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया। यह 1984 के बाद पहली बार था जब किसी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला था। फिर 2024 में उन्होंने एक विजयी गठबंधन बनाया और उसका नेतृत्व किया।

राज्यसभा सांसद ने यह भी कहा कि इतने कड़े मुकाबले वाले देश का भरोसा बार-बार जीतना, किसी भी पैमाने पर एक कहीं अधिक बड़ी उपलब्धि है। इस ऐतिहासिक अवसर पर, मैं भारतीय मतदाताओं की समझदारी को नमन करता हूं। मैं देश के प्रति प्रधानमंत्री के अथक समर्पण को सलाम करता हूं। साथ ही, राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।

यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि भारत की राजनीतिक परिस्थितियां लगातार बदलती रही हैं। जहां पंडित नेहरू के समय में कांग्रेस का दबदबा था, वहीं आज का लोकतंत्र बहुध्रुवीय है। कई क्षेत्रीय दल और राष्ट्रीय दल मिलकर चुनाव लड़ते हैं। ऐसे माहौल में लगातार तीन बार जनता का विश्वास जीतना, प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता और उनकी नीतियों की स्वीकार्यता को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिनका असर देश के विकास पर पड़ा है। उनकी सरकार ने गरीबों के लिए योजनाएं चलाईं, अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति को बेहतर बनाया। इन सब बातों का असर मतदाताओं पर पड़ा है और उन्होंने बार-बार उन्हें चुना है।

यह सिर्फ एक नेता का रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता का भी प्रतीक है। इतने बड़े और विविध देश में, जहां हर किसी की अपनी उम्मीदें और आकांक्षाएं हैं, एक नेता का लगातार तीन बार चुना जाना यह दिखाता है कि जनता ने उनकी नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा जताया है।

राघव चड्ढा ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की जीत नहीं है, बल्कि यह देश की जनता की समझदारी का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारतीय मतदाता बहुत समझदार हैं और वे जानते हैं कि देश के लिए क्या बेहतर है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के अथक समर्पण की भी सराहना की।

यह ऐतिहासिक क्षण भारत के राजनीतिक इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। यह दर्शाता है कि कैसे एक नेता, अपनी नीतियों और नेतृत्व से, इतने बड़े और विविध देश का विश्वास जीत सकता है और लगातार तीन बार सत्ता में आ सकता है। यह भारतीय लोकतंत्र की ताकत और लचीलेपन का भी एक प्रमाण है।