भाजपा का आंदोलन: झारखंड में महिला से दुष्कर्म मामले में मुख्यमंत्री का पुतला दहन
भाजपा का आंदोलन: झारखंड में महिला से दुष्कर्म मामले में मुख्यमंत्री का पुतला दहन
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रांची, 1 नवंबर (आईएएनएस)। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में एक महिला के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में भाजपा ने रविवार को राज्य के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी ने इस घटना को महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का गंभीर मामला बताते हुए पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाने और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सरायकेला-खरसावां जिला भाजपा ने गम्हरिया थाना का घेराव किया। इस प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष गीता कोड़ा, प्रदेश मंत्री शैलेन्द्र सिंह, मेयर संजय सरदार और कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस दौरान, भाजपा नेताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने और आरोपी पुलिसकर्मियों को सजा देने की मांग की गई।भाजपा ने कहा कि, "थानों में महिलाओं की शिकायतों का थोड़ा ज्यादा संवेदनशील तरीके से निस्तारण होना चाहिए और उनकी सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की स्थायी तैनाती होनी चाहिए।" पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा, "सुरक्षा की गुहार लेकर थाने पहुंची महिला के साथ वहीं तैनात पुलिसकर्मी द्वारा दुष्कर्म किए जाने का आरोप बेहद गंभीर है। इससे कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि "वर्दी की आड़ में अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।"
भाजपा कार्यकर्ताओं ने पाकुड़, दुमका, गोड्डा और जामताड़ा जिलों में भी मुख्यमंत्री का पुतला जलाया। पलामू में कार्यकर्ताओं ने चौका मोड़ पर पुतला जलाकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य सरकार महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन थाने में ही ऐसी घटना का सामने आना चिंताजनक है।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने पीड़िता को न्याय देने और दोषियों को सजा सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।
गम्हरिया थाना परिसर में हुई इस घटना की जांच में अब तक पुलिस ने 15 कर्मियों को निलंबित किया है। दुष्कर्म के आरोपी तीन पुलिसकर्मियों, जिसमें एक वायरलेस ऑपरेटर भी शामिल है, को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच अभी जारी है। यह घटना राज्य में महिला सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है और सरकार के दावों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाती है। --आईएएनएस