आम आदमी पार्टी को झटका: विधायक कुंवर विजय प्रताप का अमृतसर नॉर्थ से इस्तीफा

NewsPoint•
Navbharat Times
आम आदमी पार्टी (AAP) को पंजाब में एक और बड़ा झटका लगा है। अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप ने बुधवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। ये फैसला उन्होंने पार्टी leadership से नाराजगी के कारण लिया है। इससे पहले, पटियाला जिले की दो विधानसभा सीटों से भी दो विधायकों ने इस्तीफा दिया था। कुंवर विजय प्रताप ने बताया कि वे काफी समय से पार्टी के कार्यों से असंतुष्ट थे।

कुंवर विजय प्रताप सिंह, जिन्होंने जून 2025 में पार्टी से पांच साल के लिए निलंबित होने का सामना किया था, ने इस्तीफे की वजह बताई। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशा, जबरन वसूली, गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार की समस्याएं बहुत बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा, "आज पंजाब नशे, जबरन वसूली, गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार के जाल में फंसा हुआ है। ऐसे में फिर से एक प्रगतिशील और खुशहाल राज्य बनाना होगा।"
अपने इस्तीफे की सूचना देते समय, कुंवर विजय ने कहा, "अमृतसर के मेरे भाइयों और बहनों, मैंने पंजाब विधानसभा की अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। आपने मुझे जो प्यार और सम्मान दिया है, उसके लिए मैं अपनी आखिरी सांस तक आपका ऋणी रहूंगा। आपके सहयोग और ईश्वर के आशीर्वाद से हमें मिलकर एक सामूहिक प्रयास करना होगा।"

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने विधायक के तौर पर अपने 90 प्रतिशत लक्ष्य पूरे किए हैं। ये वे सभी कार्य हैं, जो एक विधायक को करने चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने अपने द्वारा किए गए कामों का विवरण भी साझा किया है। उन्होंने कहा, "मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि मैंने राजनीति में 'माई-बाप' (हुक्म चलाने वाली) संस्कृति को खत्म किया और जनता को अपनी प्रेरणा मानकर काम किया।"

कुंवर विजय ने विधानसभा में अमृतसर की समस्याओं को उठाने का भी जिक्र किया। उन्होंने पानी, सीवेज की समस्याओं और अन्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह पहली बार था जब किसी विधायक ने विशेष इलाकों का नाम लेकर उनकी समस्याओं को उठाया।

उनका मुख्य उद्देश्य साफ-सुथरी राजनीति और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, "मेरा एकमात्र उद्देश्य है, 'पंजाब सबसे पहले'। इसके अलावा, मेरा कोई निजी स्वार्थ नहीं है।"

इससे पहले, पंजाब के पटियाला जिले में आम आदमी पार्टी के दो विधायकों ने भी इस्तीफा दिया था। विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जोड़ामाजरा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दिया। कुंवर विजय प्रताप के इस्तीफे से पहले, यह स्थिति पार्टी के लिए चिंताजनक है।

इस प्रकार, आम आदमी पार्टी को पंजाब में एक और राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी में हो रहे ये इस्तीफे, पार्टी की स्थिति को कमजोर कर सकते हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि कैसे नेतृत्व की असक्षम और असंतोषजनक कार्यप्रणाली पार्टी के अंदरूनी मुद्दों को जन्म दे सकती है।

इन घटनाओं से साफ है कि पंजाब में राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है, और आम आदमी पार्टी को इस स्थिति को संभालने के लिए गंभीर कदम उठाने होंगे। क्या यह पार्टी इन चुनौतियों का सामना कर पाएगी या और ज्यादा विधायकों का इस्तीफा होगा, ये आने वाला समय बताएगा।

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