अखिलेश यादव की रैली में भाजपा पर वोट चोरी का गंभीर आरोप, 1 करोड़ 27 लाख वोट कटने का दावा

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समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडी गठबंधन की रैली में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वोट चुराने का काम किया है। उन्हें यह भी कहने का मौका मिला कि भाजपा का दावा अब कमजोर हो चुका है। अखिलेश ने कहा कि जिन लोगों का रुख “अंगद के पैर की तरह अडिग” माना जाता था, उन्हें अब पता चला है कि उनके पैरों के नीचे कोई जमीन ही नहीं बची है।

रैली में अखिलेश यादव ने कहा कि रामलीला मैदान से उठती हुई आवाज बताती है कि लोकतंत्र को कमजोर करने वालों के खिलाफ गठबंधन एकजुट हुआ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ 1 करोड़ 27 लाख votos काटे गए हैं। यह दावा करते हुए उन्होंने कहा कि अगर हम विधानसभा की गणित लगाएं, तो हर विधानसभा में 31 हजार वोट कम हुए हैं। उन्होंने कहा, “सचाई तो यह है कि वो अपनी हार का ठीकरा किसी और के ऊपर डालना चाहते हैं।”
सपा प्रमुख ने ‘डबल इंजन’ सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें ‘डबल जीरो’ दे दिया है। इस बात पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पेपर की गिनती दो रात और तीन दिन तक चली। इसके पीछे यह सोच थी कि भाजपा चुनाव में धोखाधड़ी करके जीत जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अखिलेश ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे लगातार साजिशें कर रहे हैं क्योंकि उन्हें जनता के बीच जीत नहीं मिल सकती है।

उन्होंने भाजपा की चुनावी रणनीतियों को भी नकारते हुए कहा कि उन्होंने बंगाल के चुनाव में मतदान को प्रभावित किया और वहां सैन्य बल जमा किया। यह अभियान कोई नई बात नहीं है, यह पिछले चुनावों में भी देखा गया था। अखिलेश ने कहा, “हम गठबंधन के लोग हार मानने वाले नहीं हैं। हमने इनकी चोरी पकड़ी है।”

बातचीत के दौरान उन्होंने पिछले चुनाव की याद करते हुए कहा कि जब 2022 में उत्तर प्रदेश में चुनाव हुए थे, तब उनकी पार्टी को सत्ता नहीं मिली थी, जिसका मुख्य कारण वोटों की चोरी थी। जब उन्हें चुनाव आयोग को बताया कि हजारों वोट चिन्हित कर Samajwadi Party से हटा दिए गए थे, तो उन्हें नोटिस दिया गया। अखिलेश ने कहा कि चुनाव आयोग ने इस पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की।

उन्होंने एक उदाहरण शेयर करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने पीलीभीत में कार्रवाई की, जहां हजारों वोट की हेराफेरी की गई। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने पहले उत्तर प्रदेश में वोट चोरी की थी और फिर बंगाल में ऐसा ही किया।

अखिलेश ने यथासंभव सबूत पेश करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह से भाजपा के लोग वोट डालने नहीं दे रहे थे और आम जनता को धमका रहे थे। उन्होंने एक सच्ची घटना का जिक्र किया जिसमें तीन माताओं और बहनों को एक पुलिस अधिकारी वोट डालने से रोक रहा था। बावजूद इसके, माताएं-बहनें घबराईं नहीं और वोट डालने गईं।

अखिलेश ने आगे कहा, “अगर वोट है तो हम India के नागरिक हैं और भाजपा चाहती है कि सिर्फ उनके सदस्यों का वोट बनें। यह एक बड़ी साजिश है।” उन्होंने कहा कि हर किसी को याद है कि पहले कैसे मुंह नोचवा आते थे, लेकिन इस बार वोट नोचवा आए हैं।

उन्होंने महाIndia के संदर्भ में तेजस्वी यादव का जिक्र करते हुए कहा कि यह इतिहास में महत्वपूर्ण क्षण है। “आज रामलीला मैदान, लोकतंत्र की हल्दीघाटी बन गया है,” उन्होंने कहा। यह लोकतंत्र की हल् दीघाटी में एक नया इतिहास लिखा जाएगा। उन्होंने कहा, “जो लोग कभी यूपी से आए थे, वो यूपी से ही बाहर जाएंगे।”

अखिलेश यादव ने अंतिम समय में यह बताया कि उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 27 लाख वोट काटे गए हैं। इससे पहले उनकी पार्टी ने चुनाव आयोग को हलफनामा भी सौंपा था, लेकिन चुनाव आयोग ने इस पर कोण कार्रवाई नहीं की। इस बात से गुस्से में उन्होंने कहा कि “मुख् य चुनाव आयुक् त वोट चोरी की सबसे बड़ी कड़ी हैं।”

रैली में उपस्थित समाजवादी पार्टी के समर्थक और कार्यकर्ता अखिलेश की बातों पर तालियां बजाते रहे। अखिलेश यादव ने कहा कि जब भी आम जनता एकजुट होती है, तब परिवर्तन संभव है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में भाजपा और उसके सहयोगियों की विदाई तय है।

समाजवादी पार्टी के नेता ने कहा, “जो लोग डबल इंजन सरकार का दावा करते थे, वे अब दोहरी हार का सामना कर रहे हैं।” उनका मानना है कि आगामी चुनाव में, जब वे फिर से संख्याबल में आएंगे, तब ऐसे हादसे नहीं होंगे। अखिलेश ने जनसमर्थन के प्रति आश्वस्त रहते हुए कहाकि “राम जी के सामने पापी बचने वाले नहीं हैं।”

इस पूरी रैली का संदेश यह था कि समाजवादी पार्टी और उसका गठबंधन अपने मतदाताओं और राज्य की जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी का पालन करेगा। यह रैली यह दर्शाने में सफल रही कि सपा आज भी जनता के बीच एक मजबूत विकल्प है।

आखिर में, अखिलेश ने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि रामलीला मैदान में इस बार जो परिवर्तन आने वाला है, वो भाजपा को नेस्तनाबूद करने का है। उन्होंने उन सभी लोगों से अपील की कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट हों। इसलिए यह कहा जा सकता है कि 2024 का चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है।

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