डिजी यात्रा का ट्रायल शुरू, 2026 में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए नई डिजिटल सुविधा
डिजी यात्रा का ट्रायल शुरू, 2026 में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए नई डिजिटल सुविधा
NewsPoint•
भारत के नागर विमानन क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, डिजी यात्रा ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ट्रायल शुरू कर दिया है। यह पायलट कार्यक्रम 1 नवंबर से शुरू होकर दिसंबर 2026 तक चलेगा। इसके तहत, योग्य भारतीय नागरिक चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में डिजी यात्रा की सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इस ट्रायल के परिणामों के आधार पर 2027 में इस प्रणाली को बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा। नागर विमानन मंत्रालय ने इस कदम की जानकारी देते हुए कहा है कि यह प्रयोग दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोच्चि, मुंबई, चेन्नई और अमृतसर हवाई अड्डों पर किया जाएगा।
इस ट्रायल के दौरान यात्रियों को टर्मिनल में प्रवेश, स्कैनिंग और बोर्डिंग गेट पर डिजी यात्रा सुविधाओं का उपयोग करने का मौका मिलेगा। पहले चरण में यह सेवा केवल उन भारतीय नागरिकों को मिलेगी जिनके पास ई-पासपोर्ट है और जो एयर इंडिया या इंडिगो की चुनिंदा उड़ानों से यात्रा कर रहे हैं। यात्रियों को डिजी यात्रा मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने ई-पासपोर्ट की जानकारी और पहचान स्थापित करनी होगी। इसके लिए उन्हें अपने ई-पासपोर्ट के मशीन रीडेबल ज़ोन (MRZ) को स्कैन करना होगा, फिर NFC-सक्षम स्मार्टफोन की मदद से पासपोर्ट की चिप पढ़नी होगी, सेल्फी अपलोड करनी होगी और अपनी पहचान को सत्यापित करना होगा। सत्यापन के पश्चात, यह डिजिटल क्रेडेंशियल डिजी यात्रा वॉलेट में सुरक्षित किया जाएगा। याद रखें, डिजी यात्रा की सुविधा का चुनाव करते समय यात्रियों को अपने सभी आवश्यक यात्रा दस्तावेज साथ रखने की आवश्यकता होगी। एयरलाइन द्वारा की जाने वाली दस्तावेज़ जांच, इमिग्रेशन प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताएं यथावत रहेंगी। आसान शब्दों में कहें तो, डिजी यात्रा यात्रा को अधिक सुगम और तीव्र बनाने का प्रयास है, लेकिन इससे मौजूदा सुरक्षा प्रक्रियाएं समाप्त नहीं होंगी।
डिजी यात्रा का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में इस प्लेटफार्म पर 2.65 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकरण करा चुके हैं। इस प्लेटफार्म के माध्यम से 39 घरेलू हवाई अड्डों पर 11 करोड़ से अधिक यात्राएं संपन्न की जा चुकी हैं। सरकार की योजना 2027 तक 25 और घरेलू हवाईअड्डों को डिजी यात्रा नेटवर्क से जोड़ने की भी है। नागर विमानन मंत्रालय का ये कदम 'डिजिटल इंडिया' और 'ईज ऑफ फ्लाइंग' के दृष्टिकोण के अनुसार है। इसका उद्देश्य यात्रियों को तेज, सुरक्षित और परेशानी-मुक्त यात्रा अनुभव देना और एयरपोर्ट संचालन को अधिक कुशल बनाना है।