संजय राउत ने सीजेआई सूर्यकांत के बयान पर उठाए सवाल, इंडिया ब्लॉक मार्च का किया ऐलान

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Navbharat Times
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत पर तीखा हमला किया है। राउत का आरोप है कि उन्होंने खुले दरवाजों का दावा करते हुए इंडिया ब्लॉक के नेताओं से मिलने से इनकार कर दिया। यह बयान तब आया जब राउत ने सोमवार को कहा कि इंडिया ब्लॉक सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा। उनका कहना है कि जब सीजेआई विपक्ष के नेताओं से मिलने में असमर्थ हैं, तब यह लोकतंत्र और संविधान की सुरक्षा पर सवाल उठाता है। राउत ने इस मुद्दे पर तीव्रता से अपनी बात रखी है, जिसे पूरे देश में चर्चा का विषय बनाया जा रहा है।

राउत ने सीजेआई सूर्यकांत के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा सभी के लिए खुला है। उन्होंने कहा, "अगर दरवाजे खुले हैं तो इंडिया ब्लॉक के नेताओं से मिलने से इनकार क्यों किया?" राउत ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने सीजेआई से मुलाकात का अनुरोध किया था। उन्हें बताया गया था कि आज शाम बैठक तय थी, लेकिन उसे अचानक रद्द कर दिया गया। यह स्थिति देश की जनता को हैरान करने वाली है।
संजय राउत ने कहा, "हमने भारत के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात का अनुरोध किया था। मुझे बताया गया था कि आज शाम करीब 4 या 5 बजे बैठक तय की गई थी, लेकिन उसे अचानक रद्द कर दिया गया।" राउत ने आगे कहा, "जब हमारे सामने सुनवाई के सारे दरवाजे बंद हो गए, तो हम सीजेआई के दरबार में आना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने तो अपना दरवाजा ही बंद कर लिया है।"

उन्होंने न्यायपालिका पर भी आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा नियंत्रित राज्यों में जज पार्टी के राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। साथ ही, उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों के स्वागत में डिनर आयोजित करते हैं।" राउत ने स्पष्ट किया कि देश का लोकतंत्र और संविधान खतरे में है। उन्होंने लोगों को चेताया कि आम जनता अब सड़क पर उतर रही है, क्योंकि लगातार वोट और इलेक्शन चोरी का मुद्दा उठ रहा है।

उन्होंने मुंबई के शिवाजी पार्क में आंदोलन शुरू करने की बात कही और जोर देकर कहा, "इसको रोककर दिखाएं।" उन्होंने कहा, "हम तो 24 घंटे भी नहीं मांग रहे हैं, मुलाकात के लिए 24 मिनट ही दे दीजिए।" इस मुद्दे को लेकर देशभर में चर्चा चल रही है और गणतंत्र के हालात पर चिंता जताई जा रही है। राउत का यह बयान लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक महत्त्वपूर्ण आवाज़ बन गया है।

संजय राउत के इस बयान ने एक बार फिर से न्यायपालिका की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। क्या सीजेआई को विपक्ष के नेताओं से मिलना चाहिए? क्या यह लोकतंत्र का अपमान नहीं है? यह सवाल अब लोगों के मन में गूंज रहा है।

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