राज ठाकरे ने केंद्र सरकार की आलोचना की, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को समाप्त करने की मांग दोहराई

NewsPoint•
Navbharat Times
राज ठाकरे, जो की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख हैं, ने बुधवार को केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आने वाले दो से पांच महीनों में देश में बड़े राजनीतिक बदलाव होंगे। इस दौरान उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को हटाकर पारंपरिक मतपत्र प्रणाली लागू करने की मांग की। ठाकरे ने कहा कि मतदाताओं को अपने वोट डालने पर पूरी पारदर्शिता और संतोष मिलना चाहिए।

राज ठाकरे ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने 2018 से ही मतपत्र मतदान की वकालत की है। उनका मानना है कि मतदाता को यह देखना चाहिए कि उसका वोट असल में मतपेटी में गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि "इसके लिए आपको यह आश्वासन चाहिए कि आपका वोट वास्तव में मतपेटी में गया है; जीतना और हारना अलग-अलग बातें हैं।"
उन्होंने अन्य देशों का उदाहरण दिया, जहां मतपत्र प्रणाली का उपयोग किया जाता है। जैसे कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में भी मतपत्रों के माध्यम से मतदान होता है। राज ठाकरे ने कई विकसित देशों का भी जिक्र किया और कहा कि "फ्रांस में मतदान मशीनों को हटाकर मतपत्रों का इस्तेमाल शुरू किया गया।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चुनावों की परिणाम जल्दी आना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि "अगर चार दिन भी लग जाएं, तो क्या फर्क पड़ता है? किसे जल्दी है?"

ठाकरे ने यह भी चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में कुछ महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार की लगातार गलतियों के चलते देश में नागरिक अशांति होना कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।" यह चर्चा करते हुए उन्होंने यह भविष्यवाणी की कि अगले दो से पांच महीनों में देश में कुछ बड़ा होगा। यहाँ तक कि उन्होंने कहा, "शायद देश के लिए कोई प्रधानमंत्री भी न बचे।"

एमएनएस के प्रमुख ने यह भी कहा कि राजनीतिक आलोचना और प्रतिवाद होना स्वाभाविक है। वह मानते हैं कि कुछ घटनाएं इस समय में सामने आएंगी जो लोगों को एकजुट कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि "आगामी वर्षों में देश सड़कों पर उतर आए तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा।"

राज ठाकरे ने बढ़ते अपराध और सुरक्षा संबंधी चूक पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने विशेष रूप से गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर निशाना साधा। उनका मानना है कि देश में बढ़ती अपराध की दर समाज के लिए खतरा बन रही है।

इस प्रकार, राज ठाकरे ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया। वे मतपत्र प्रणाली की आवश्यकता और राजनीतिक उथल-पुथल के संकेत दे रहे हैं। उनकी यह चेतावनी दर्शाती है कि आने वाले समय में भारत में क्या परिवर्तन हो सकते हैं। ठाकरे की आवाज़ में एक स्पष्टता है कि वे देश में बदलाव की मांग कर रहे हैं। यह बदलाव मतदाताओं की संतोषजनक मतदान प्रक्रिया से शुरू होता है।

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