चीन सेवा व्यापार मेला: नवाचार और विदेशी निवेश पर बढ़ा फोकस, बहुराष्ट्रीय कंपनियों की बढ़ी रुचि
चीन सेवा व्यापार मेला: नवाचार और विदेशी निवेश पर बढ़ा फोकस, बहुराष्ट्रीय कंपनियों की बढ़ी रुचि
NewsPoint•
बीजिंग, 15 सितंबर: चीन अंतरराष्ट्रीय सेवा व्यापार मेला (सीआईएफटीआईएस) का समापन हो गया है, जिसमें 400 से अधिक फॉर्च्यून 500 कंपनियों और उद्योग की दिग्गज कंपनियों ने हिस्सा लिया। इस साल पहली बार 'चीन सेवा' केस प्रदर्शनी क्षेत्र स्थापित किया गया, जिसमें एआई, बड़े मॉडल और इंटेलिजेंट एजेंट जैसी प्रमुख तकनीकों से जुड़े मामले करीब 40 प्रतिशत रहे। यह चीन की मजबूत स्थानीय नवाचार क्षमता को दर्शाता है। इसी वजह से, बहुराष्ट्रीय कंपनियां चीन में अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित करने और यहां की नवाचार क्षमता का लाभ उठाने को प्राथमिकता दे रही हैं। एली लिली एंड कंपनी की वैश्विक वरिष्ठ उपाध्यक्ष वांग ली ने कहा कि चीन की नवाचार क्षमता लगातार बढ़ी है और लिली आने वाले दस वर्षों में 3 अरब डॉलर का निवेश करेगी। जॉनसन एंड जॉनसन मेडटेक चीन के महाप्रबंधक तूलियो ओलिवेरा ने भी सूचो विनिर्माण कारखाने की 20वीं वर्षगांठ पर उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नई उत्पादन लाइन शुरू करने की घोषणा की, जो चीन के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दिखाता है। इस मेले की एक और खास बात 'विदेश जाना' (Going Global) को बढ़ावा देने के लिए रोड शो क्षेत्र का स्थापित होना रहा, जहां चीनी कंपनियां अब सिर्फ उत्पाद या पूंजी ही नहीं, बल्कि अपनी क्षमता और पूरे इकोसिस्टम का निर्यात कर रही हैं। यह सब '15वीं पंचवर्षीय योजना' के शुरुआती वर्ष में हो रहा है, जिसमें सेवा उद्योग को केंद्र में रखकर बाजार पहुंच और खुलेपन का विस्तार करने का प्रस्ताव है, जिससे विदेशी निवेशकों को चीन में कारोबार बढ़ाने का भरोसा मिला है। केपीएमजी चीन की पार्टनर चांग शिनहुआ का मानना है कि मूल्यवर्धित दूरसंचार, चिकित्सा और विदेशी एकल स्वामित्व वाले अस्पताल जैसे क्षेत्र खुलेपन के विस्तार के पायलट बने हैं और भविष्य में और भी उद्योग विदेशी कंपनियों के लिए खोले जाएंगे।
इस साल के सीआईएफटीआईएस मेले ने चीन की बढ़ती हुई नवाचार शक्ति को दुनिया के सामने रखा। 'चीन सेवा' प्रदर्शनी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), बड़े भाषा मॉडल (जैसे चैटजीपीटी जैसे सिस्टम) और इंटेलिजेंट एजेंट (जैसे आपके फोन में वॉयस असिस्टेंट) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से जुड़े मामलों की बड़ी हिस्सेदारी ने यह साबित कर दिया कि चीन अब सिर्फ उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार का भी एक बड़ा खिलाड़ी बन गया है। इन तकनीकों का इस्तेमाल करके चीन अपनी समस्याओं का समाधान खुद कर रहा है और दुनिया को नए समाधान दे रहा है।इसी मजबूत नवाचार क्षमता को देखते हुए, दुनिया भर की बड़ी कंपनियां चीन में अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) यानी अनुसंधान और विकास केंद्र खोल रही हैं। वे चीन की प्रतिभा और यहां के बढ़ते तकनीकी माहौल का फायदा उठाना चाहती हैं। एली लिली एंड कंपनी, जो एक बड़ी दवा कंपनी है, ने इस बात पर जोर दिया। वांग ली, जो लिली चीन में दवा विकास की प्रमुख हैं, ने कहा कि पिछले एक दशक में चीन की नवाचार क्षमता में जबरदस्त उछाल आया है। उन्होंने कहा, "लिली ने भी चीन को वैश्विक नवाचार की एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में देखा है।" इसी विश्वास के साथ, लिली ने अगले दस सालों में चीन में 3 अरब डॉलर का भारी निवेश करने का वादा किया है। यह दिखाता है कि कंपनियां चीन को सिर्फ एक बाजार के तौर पर नहीं, बल्कि नवाचार के एक महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में देख रही हैं।
जॉनसन एंड जॉनसन मेडटेक, जो चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में काम करती है, ने भी चीन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। तूलियो ओलिवेरा, जो जॉनसन एंड जॉनसन मेडटेक चीन में सर्जरी विभाग के महाप्रबंधक हैं, ने बताया कि हाल ही में उन्होंने सूचो में अपने कारखाने की 20वीं वर्षगांठ मनाई। इस मौके पर उन्होंने उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नई उत्पादन लाइनें शुरू करने की घोषणा की। यह कदम चीन के नवाचार और विकास की क्षमता पर उनके भरोसे को दर्शाता है। वे चीन के बढ़ते तकनीकी और औद्योगिक इकोसिस्टम का हिस्सा बनकर आगे बढ़ना चाहते हैं।
इस सेवा व्यापार मेले की एक और बड़ी और चर्चित बात थी 'विदेश जाना' (Going Global) को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष रोड शो क्षेत्र का स्थापित होना। यह दिखाता है कि अब चीनी कंपनियां सिर्फ अपने देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में अपनी सेवाएं और उत्पाद पहुंचाना चाहती हैं। अर्न्स्ट एंड यंग ग्रेटर चाइना की पार्टनर ली चिंग ने इस प्रवृत्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जब वे कंपनियों को विदेश जाने में मदद करते हैं, तो वे देखती हैं कि चीनी कंपनियां अब केवल अपने उत्पाद या पैसा बाहर नहीं भेज रही हैं, बल्कि अपनी पूरी क्षमता और अपने पूरे व्यापारिक इकोसिस्टम को भी दुनिया के सामने पेश कर रही हैं। ली चिंग ने कहा, "इसलिए कंपनियों को न केवल बाहर जाना है, बल्कि अंदर भी जाना है। उन्हें न केवल दूर जाना है, बल्कि अच्छी तरह से जाना है। इसलिए 'विदेश जाना' हमारी एक प्रमुख विशेषता है।" इसका मतलब है कि चीनी कंपनियां अब वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ना चाहती हैं और इसके लिए वे अपनी विशेषज्ञता और अपने पूरे व्यापार मॉडल को निर्यात कर रही हैं।
यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब चीन अपनी '15वीं पंचवर्षीय योजना' के शुरुआती वर्ष में है। इस योजना में सेवा उद्योग को विशेष महत्व दिया गया है। सरकार ने बाजार पहुंच को आसान बनाने और व्यापार के लिए अपने दरवाजे और खोलने का प्रस्ताव रखा है। इससे विदेशी निवेशकों को चीन में अपना कारोबार बढ़ाने और निवेश करने का और भी अधिक भरोसा मिला है। केपीएमजी चीन की पार्टनर चांग शिनहुआ ने इस बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि मूल्यवर्धित दूरसंचार सेवाएं, चिकित्सा क्षेत्र और विदेशी कंपनियों द्वारा पूरी तरह से स्वामित्व वाले अस्पताल जैसे क्षेत्र खुलेपन के विस्तार के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुने गए हैं। चांग शिनहुआ को विश्वास है कि भविष्य में और भी कई उद्योग विदेशी कंपनियों के लिए खोले जाएंगे। इससे उन्हें चीन में विकास के नए अवसर मिलेंगे और वे नए रास्ते तलाश सकेंगे। यह चीन की अर्थव्यवस्था को और अधिक वैश्विक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।