Mumbai: खाद्य सुरक्षा उल्लंघन पर 4 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड, कैफे मोंडेगर भी शामिल

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मुंबई में खाद्य सुरक्षा के नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले चार बड़े फूड प्रतिष्ठानों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने कड़ी कार्रवाई की है। कोलाबा का मशहूर कैफे मोंडेगर, कांदिवली ईस्ट का महाराष्ट्र बिरयानी सेंटर, त्रिभुवन डेयरी फार्म और महावीर काजू एंड फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं। यह फैसला जांच के दौरान खाने-पीने की चीजों को सही ढंग से स्टोर न करने, तापमान का ध्यान न रखने, साफ-सफाई की कमी और जरूरी स्वच्छता मानकों का पालन न करने जैसी गंभीर खामियां मिलने के बाद लिया गया है। पुणे डिवीजन में भी दो प्रतिष्ठानों, कोल्हापुर के होटल मल्हार वाडा और पुणे के पूरमचंद एंड संस के लाइसेंस रद्द किए गए हैं।

मुंबई के कोलाबा में स्थित कैफे मोंडेगर के खिलाफ यह कार्रवाई 12 सितंबर को हुई। जब FDA की टीम ने वहां का निरीक्षण किया, तो उन्हें खाने की सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़ी कई बड़ी गड़बड़ियां मिलीं। सबसे चिंताजनक बात यह थी कि गर्म खाने को 60 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान पर नहीं रखा जा रहा था, जो कि नियमों के खिलाफ है। इसी तरह, ठंडी चीजों को 5 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर रखने का भी पालन नहीं हो रहा था। खाने को पिघलाने (डीफ्रॉस्टिंग) की प्रक्रिया भी गलत तरीके से की जा रही थी। पका हुआ खाना जल्दी से ठंडा करने का जो तरीका अपनाना चाहिए, वह भी नहीं अपनाया जा रहा था।
कैफे मोंडेगर में साफ-सफाई और बिल्डिंग की हालत भी ठीक नहीं थी। नमी की वजह से फर्श खराब हो गया था। जहां खाना बनता है, उसके आसपास की नालियों (ड्रेनेज सिस्टम) की हालत भी खराब थी। ऐसी स्थिति में गंदा पानी या गंदगी खाने के संपर्क में आ सकती थी, जिससे खाने में संक्रमण फैलने का खतरा था। खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों और उपकरणों को भी ठीक से साफ और सैनिटाइज नहीं किया जा रहा था। इन सब गंभीर खामियों को देखते हुए कैफे मोंडेगर का लाइसेंस तुरंत सस्पेंड कर दिया गया।

मुंबई में दूसरी बड़ी कार्रवाई महाराष्ट्र बिरयानी सेंटर, कांदिवली ईस्ट के खिलाफ हुई। 11 सितंबर को FDA की टीम ने इस जगह का निरीक्षण किया और पाया कि यहां खाद्य सुरक्षा से जुड़े शेड्यूल 4 के नियमों का उल्लंघन हो रहा था। जांच में मिली कमियों को गंभीरता से लेते हुए इस प्रतिष्ठान का लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया गया है। इस मामले में नियमों के मुताबिक आगे की कानूनी कार्रवाई भी चल रही है।

इसके अलावा, मुंबई में त्रिभुवन डेयरी फार्म का लाइसेंस भी सस्पेंड किया गया है। यह कार्रवाई भी खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन न करने के कारण हुई है। वहीं, महावीर काजू एंड फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई का लाइसेंस भी इसी वजह से निलंबित किया गया है। ये दोनों मामले भी खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत की गई नियामक कार्रवाई का हिस्सा हैं।

मुंबई के अलावा, पुणे डिवीजन में भी खाद्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई है। कोल्हापुर के होटल मल्हार वाडा का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही, पुणे के पूरमचंद एंड संस का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है। इन सभी कार्रवाइयों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन मिले। FDA लगातार ऐसे प्रतिष्ठानों पर नजर रखे हुए है जो नियमों का उल्लंघन करते हैं और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हैं।

यह कार्रवाई आम लोगों के लिए एक चेतावनी है कि वे जहां से खाना खरीद रहे हैं, वहां साफ-सफाई और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जा रहा है या नहीं। FDA की यह सख्ती यह संदेश देती है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों को भी जागरूक रहना चाहिए और अगर उन्हें किसी भी खाद्य प्रतिष्ठान में कोई गड़बड़ी दिखे तो वे तुरंत FDA को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।

खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना हर खाद्य प्रतिष्ठान की जिम्मेदारी है। इसमें खाने को सही तापमान पर रखना, साफ-सफाई का ध्यान रखना, कच्चे और पके खाने को अलग-अलग रखना, और खाने को बनाने से लेकर परोसने तक हर कदम पर स्वच्छता बनाए रखना शामिल है। जब इन नियमों का पालन नहीं होता है, तो यह सीधे तौर पर ग्राहकों के स्वास्थ्य को खतरे में डालता है। FDA की यह कार्रवाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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