प्रधानमंत्री मोदी ने चिंतन शिविर में नवाचार आधारित प्रशासनिक पहलों पर चर्चा की
प्रधानमंत्री मोदी ने चिंतन शिविर में नवाचार आधारित प्रशासनिक पहलों पर चर्चा की
NewsPoint•
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ एक ‘चिंतन शिविर’ आयोजित किया। इस अवसर पर, 'मोदी स्टोरी' नामक एक्स अकाउंट ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने शासन-प्रशासन में कई नए प्रयोग किए हैं। इन प्रयोगों ने सरकारी कार्यों को नई दिशा दी है और प्रभावी बनाया है। मोदी स्टोरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “सुना है कि आज प्रधानमंत्री मोदी अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ चिंतन शिविर कर रहे हैं? वर्षों से उन्होंने Government के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है और अक्सर शासन को एक ‘इनोवेशन लैब’ की तरह देखा है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कई पहलें शुरू की हैं, जो सरल और प्रभावी रही हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण पहल है ‘अनुभव’। इसके तहत, सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी अनुभवों और सीखों को दस्तावेज में दर्ज करने के लिए कहा जाता है। ताकि अगली पीढ़ी के अधिकारी उनसे लाभ उठा सकें। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां अनुभव साझा किया जाता है।इसके अलावा, 'स्वतः सुखाय' पहल की चर्चा भी हो रही है। इस पहल के तहत अधिकारी अपने विभाग से इतर किसी सार्वजनिक हित के प्रोजेक्ट पर स्वेच्छा से काम करते हैं। इससे उन्हें समाज के लिए योगदान देने का संतोष मिलता है। मान लीजिए, अगर कोई अधिकारी स्कूल या अस्पताल में अपनी सेवाएं देता है, तो इससे समाज को बहुत फायदा होता है।
'बैक टू द फर्स्ट पोस्टिंग' पहल भी महत्वपूर्ण है। इसमें वरिष्ठ अधिकारियों को उनके प्रशासनिक करियर की पहली तैनाती वाले जिले या तालुका में कई वर्षों बाद वापस जाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इससे उन्हें यह जानने का मौका मिलता है कि वहां कितना विकास हुआ है।
इसके अलावा, 'असिस्टेंट सेक्रेटरी प्रोग्राम' भी बहुत फायदेमंद है। नए नियुक्त आईएएस अधिकारियों को पहली फील्ड पोस्टिंग से पहले तीन महीने तक केंद्र Government के मंत्रालयों में काम करने का अवसर मिलता है। इससे वे केंद्र Government की कार्यप्रणाली को बेहतर समझ पाते हैं।
मोदी स्टोरी ने ‘वन सेक्रेटरी, वन तालुका’ पहल का भी जिक्र किया। इस पहल के अंतर्गत, वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को पिछड़े तालुकों की जिम्मेदारी दी जाती है ताकि वे जमीनी हकीकत से जुड़े रहें और विकास कार्यों की निगरानी कर सकें।
इन सभी पहलों का उद्देश्य प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना और उसे अनुभव-आधारित तथा जमीनी जरूरतों के अनुरूप बनाना है। ये प्रयोग सरकारी व्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए महत्वपूर्ण हैं और इससे नौकरशाही का कामकाज भी सुधरता है।