ग्वालियर के पर्यटकों को सरिस्का में बाघिन एसटी 19 के दो शावकों का मिला रोमांचक दीदार
ग्वालियर के पर्यटकों को सरिस्का में बाघिन एसटी-19 के दो शावकों का मिला रोमांचक दीदार
NewsPoint•
अलवर का सरिस्का टाइगर रिजर्व रविवार शाम को ग्वालियर के पर्यटकों के लिए एक अद्भुत सफारी अनुभव लेकर आया। इस रोमांचक सफारी के दौरान, बफर जोन में पर्यटकों ने बाघिन एसटी-19 के दो नर शावकों को पहली बार देखा। ये शावक झाड़ियों के बीच करीब 40 मीटर की दूरी पर थे। सफारी के दौरान एक बाघ पर्यटकों की जिप्सी के बेहद करीब से गुजरा, जिससे पर्यटकों की धड़कनें रुक गईं। जंगल में सांभर की आवाज ने बाघ की मौजूदगी का एहसास दिलाया।
रविवार की शाम जंगल में धुंधला प्रकाश और घनी झाड़ियों के बीच लगातार सांभर की आवाज सुनाई दे रही थी। गाइड ने यह महसूस किया कि बाघ पास ही है। उन्होंने पर्यटकों के साथ मिलकर बाघ की लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की। गाइड की सटीक ट्रैकिंग के बाद, पहली बार झाड़ियों के पास एक बाघ दिखा। अचानक सामने बाघ को देखकर जिप्सी में बैठे सभी पर्यटक उत्साहित हो गए। कैमरे निकालकर बाघ की तस्वीरें लेने लगे, तभी कुछ दूरी पर दूसरा बाघ भी नजर आया।वन विभाग के अनुसार, सफारी के दौरान देखे गए दोनों नर शावक बाघिन एसटी-19 के हैं। उनकी उम्र डेढ़ साल से अधिक है। दोनों शावक एक-दूसरे से करीब 40 मीटर की दूरी पर थे। पर्यटकों के लिए बाघों को इतने करीब से देखना एक खास अनुभव बन गया। एक तरफ बाघों के सामने आने से रोमांच बढ़ गया, वहीं पर्यटक अपनी और बाघ की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क थे।
सफारी के दौरान असली रोमांच तब आया जब एक बाघ पर्यटकों की जिप्सी के बिल्कुल पास से गुजरा। इतने नजदीक बाघ को देखकर पर्यटकों की सांसें थम गईं। लेकिन बाघ बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ गया। इस पल ने पर्यटकों के चेहरे पर खुशी की लहर भर दी। जंगल के बीच बाघ की इतनी निकटता ने इसे एक यादगार सफारी बना दिया।
जैसे ही बाघों की मौजूदगी का पता चला, पर्यटकों ने अपने कैमरे और मोबाइल फोन निकाल लिए। घने जंगल और झाड़ियों के बीच दोनों शावकों को कैद करने के लिए उन्होंने फोटो खींचने का प्रयास किया। यह अप्रत्याशित नजारा पर्यटकों के सफारी अनुभव को और खास बना गया।
सरिस्का में बाघों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिसके चलते पर्यटकों को ऐसे रोमांचक दृश्य देखने को मिल रहे हैं। हालांकि, वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, जंगल में बाघों के करीब होने पर पर्यटकों और जिप्सी चालकों को खास ध्यान रखना चाहिए। उन्हें सुरक्षा नियमों का पालन करना आवश्यक है।
इस प्रकार, सरिस्का का ये अनुभव न केवल बाघों के दीदार का था, बल्कि एक खास अद्भुत अनुभव भी था जो पर्यटकों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा। इस फुर्सत के पल ने जंगल की जंगली सुंदरता और बाघों के प्रति मानव के आकर्षण को एक और बार पुष्टि की। पर्यटकों ने इस सफारी को अपनी जिंदगी के सबसे यादगार पलों में से एक मान लिया।