जम्मू कश्मीर में बेरोजगारी के खिलाफ मेहराज मलिक ने पेश किया लोकल एरिया आधारित भर्ती बिल, 2026
जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी के खिलाफ मेहराज मलिक ने पेश किया लोकल एरिया आधारित भर्ती बिल, 2026
NewsPoint•
जम्मू-कश्मीर आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष और डोडा विधायक मेहराज मलिक ने विधानसभा में युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण बिल पेश किया है. यह बिल “जम्मू-कश्मीर लोकल एरिया बेस्ड रिक्रूटमेंट बिल, 2026” के नाम से जाना जाएगा. मलिक ने कहा कि इस बिल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर बेरोजगार युवाओं को नौकरी के मौके प्रदान करना है. उन्होंने बताया कि इस बिल में किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आरक्षण नहीं मांगा गया है. यह बिल स्थानीय युवाओं को मेरिट के आधार पर नौकरी पाने का अवसर देगा.
मलिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बिल और इससे जुड़े एक पत्र को साझा किया. उन्होंने कहा, "मैंने जम्मू-कश्मीर के बेरोजगार युवाओं के लिए विधानसभा में ‘लोकल एरिया रिक्रूटमेंट बिल’ जमा किया, जिसमें बिना किसी अतिरिक्त आरक्षण के क्षेत्र आधारित प्रतिस्पर्धा का प्रस्ताव है.” उनका यह भी कहना है कि मेरिट को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. इस प्रस्तावित बिल में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में गैर-राजपत्रित पदों की भर्ती ब्लॉक, तहसील, सब-डिवीजन और जिला स्तर पर की जाएगी. इसका मतलब है कि जो युवा संबंधित पंचायत, वार्ड, नगरपालिका या हेल्थ ब्लॉक में रहते हैं, उन्हें ही नौकरी के मौके मिलेंगे. मलिक ने तर्क दिया है कि विभिन्न क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को समान शिक्षा, कोचिंग और रोजगार के अवसर नहीं मिलते हैं.
इससे स्थानीय स्तर पर भर्ती होने से युवाओं को अपने क्षेत्र में सेवा देने और उनकी शिक्षा एवं कौशल का उपयोग करने का मौका मिलेगा. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, स्वतंत्र और मेरिट आधारित बनाने के लिए एक नई स्वतंत्र भर्ती एजेंसी की व्यवस्था का प्रस्ताव है. यह भर्ती जेकेएसएसबी के बजाय की जाएगी, जिससे अधिक पारदर्शिता आएगी.
बिल में यह भी उल्लेख किया गया है कि नियुक्त कर्मचारियों के लिए रोटेशनल पोस्टिंग और ट्रांसफर पॉलिसी का प्रावधान होगा. इसके तहत कर्मचारी को सामान्य तौर पर एक जगह कम से कम तीन साल तैनात रहना होगा. इसके बाद उन्हें निर्धारित क्षेत्र या कैडर के भीतर दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सकेगा.
इस मसौदे में जम्मू-कश्मीर में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया गया है. इसमें बताया गया कि कई शिक्षित, कुशल और प्रशिक्षित युवाओं के पास योग्यता होने के बावजूद उपयुक्त नौकरी नहीं है. विशेष रूप से 2018 में सेवा से हटाए गए प्लस-2 लेक्चरर्स का मुद्दा भी उठाया गया है. प्रस्ताव में सरकार से इन लोगों के लिए उचित और मानवीय नीति अपनाने का आग्रह किया गया है.
बिल में लंबरदारों और चौकीदारों की स्थिति का भी जिक्र है. इसके लिए उचित नीति बनाने की मांग की गई है, ताकि इनसे जुड़े लोग भी अपनी स्थिति ठीक कर सकें. इस प्रकार, मेहराज मलिक एवं आम आदमी पार्टी का यह प्रयास जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए अवसरों का नया दरवाजा खोल सकता है, जो निश्चित रूप से रोजगार के मुद्दे पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा.