विधात्री उर्स की शानदार वापसी, डब्ल्यूपीजीटी में पहले दौर में 69 का स्कोर
विधात्री उर्स की शानदार वापसी, डब्ल्यूपीजीटी में पहले दौर में 69 का स्कोर
NewsPoint•
गुरुग्राम में 23 सितंबर को हुए वीमेंस प्रो गोल्फ टूर (डब्ल्यूपीजीटी) के 13वें चरण के पहले दौर में विधात्री उर्स ने शानदार खेल दिखाया। शुरुआती तीन होल में लगातार तीन बोगी लगाने के बावजूद उन्होंने 3-अंडर 69 का स्कोर बनाया और राउंड के अंत में बढ़त हासिल की। यह मैच डीएलएफ गोल्फ एंड कंट्री क्लब में खेला गया। विधात्री की इस जबरदस्त वापसी के साथ ही सिर्फ दो खिलाड़ियों ने पार से कम स्कोर किया, इनमें से एक जैस्मीन शेखर थीं, जिन्होंने 71 का स्कोर बनाया।
जब खेल शुरू हुआ, तो विधात्री के लिए चीज़ें अच्छी नहीं रही थीं। उन्होंने पहले तीन होल में तीन बोगी की। यह मुश्किल स्थिति थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने बाकी होल्स पर शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सात बर्डी लगाईं और सिर्फ एक बोगी से खेल को संभाला। चौथे और पांचवे होल पर लगातार बर्डी उन पर बहुत राहत लाई। हालांकि छठे होल पर एक और बोगी ने उन्हें फिर से 2-ओवर पर लाकर छोड़ दिया।लेकिन विधात्री ने अपने खेल में सुधार किया और आठवें तथा नौवें होल पर बर्डी लगाकर स्कोर को इवन पार पर पहुंचा दिया। बैक नाइन पर वह पूरी आत्मविश्वास के साथ खेलीं। उन्होंने 13वें, 15वें और 18वें होल पर बर्डी लगाकर कुल 69 का स्कोर बना लिया।
दीक्षा डागर ने भी अच्छा खेल दिखाया, लेकिन बैक नाइन पर एक बर्डी के बावजूद उन्होंने तीन शॉट गंवाए। दीक्षा ने तीसरे होल पर एक बोगी की, लेकिन फिर पांचवें, सातवें और नौवें होल पर तीन बर्डी के साथ 2-अंडर पर पहुँच गईं। उन्होंने इवन पार 72 का कुल स्कोर बनाया और तीसरे स्थान पर रहीं। दीक्षा अगले हफ्ते एशियन गेम्स के लिए जा रही हैं, जो उनके लिए एक बड़ा अवसर है।
जैस्मीन शेखर ने पहले नौ होल्स में शानदार 4-अंडर का स्कोर बनाया। लेकिन आखिरी दो होल में बर्डी-बोगी के साथ उन्होंने 71 का स्कोर बनाया और विधात्री से दो शॉट पीछे रहीं।
अन्य खिलाड़ियों में त्वेसा मलिक, नयनिका सांगा और लावण्या जाडोन ने 2-ओवर 74 का स्कोर करके संयुक्त रूप से सातवां स्थान पाया। वहीं रिधिमा दिलावरी, एति चौधरी, करिश्मा गोविंद, श्रेष्ठा शुक्ला और सिफत सग्गू ने 3-ओवर 75 का स्कोर करके संयुक्त रूप से 10वां स्थान हासिल किया।
इस पूरे मुकाबले का मज़ा तब और बढ़ गया जब विधात्री ने अपनी मेहनत और जज्बे से यह साबित कर दिया कि एक अच्छी वापसी किस तरह की जा सकती है। उन्होंने कहा, "मैंने शुरुआती बोगी को अपने आत्मविश्वास के खिलाफ नहीं रखा, बल्कि उससे सबक लिया और फिर से वापस आ गई।" यह खेल का असली जादू है।