बदलते युग में संप्रेषण के कितने ही साधन हो गए, लेकिन रेडियो की प्रासंगिकता कम नहीं हुई। डिजिटल युग में भी रेडियो अपने विविध चैनलों से श्रोताओं को जोड़े रखने में सफल रहा है। शुरुआत से रेडियो की साक्षी रही मुंबई इसके हर फॉर्मेट को साधने में आगे रही है। आकाशवाणी भी समय से कदमताल करते हुए युवाओं की ख़ातिर ख़ुद को बदल रही है।
अपडेट हो रही आकाशवाणी । प्रसार भारती, मुंबई के प्रोग्राम हेड शैलेश मालोदे बताते हैं कि Gen-Z को रिझाए रखने के लिए ब्रेन स्ट्रॉमिंग जारी है। बीते 13 फरवरी को हमने ‘वॉक्स ऐंड वॉइब्स’ नाम से वेस्टर्न म्यूजिक कंसर्ट किया, जो खूब सराहा गया। इसी तरह दिसंबर, 2024 में प्रसार भारती ने OTT प्लैटफॉर्म पर ‘वेव्स’ लॉन्च किया। वह बताते हैं कि वॉइस डिलिवरी प्लैटफॉर्म चेंज की चुनौतियों से कदमताल जारी है। आज भी 235 रेडियो स्टेशन, 42 विविध भारती चैनल, 26 रेम्बो चैनल, 4 FM गोल्ड के साथ प्रसार भारती का नेटवर्क सबसे बड़ा है। ‘न्यूज ऑन एयर’ ऐप भी 6-7 वर्षों से रन कर रहा है। 14 फरवरी, 2026 से ‘सैटर-डे डेट’ लिसनर्स चॉइस के तहत वेस्टर्न म्यूजिक प्रोग्राम फिर शुरू किया गया, जिसमें यूथ से बर्थ-डे, ऐनिवर्सिरी वॉट्सऐप के जरिए मंगाकर ऑनएयर चलाते हैं।
रेडियो में 30 अप्रैल के मायने । यूं तो देश में रेडियो प्रसारण जून, 1923 में बंबई (अब मुंबई) के रेडियो क्लब से शुरू हुआ था। लेकिन, अप्रैल का महीना रेडियो की दुनिया में कई क्रांति लाया है। 1930 में इसी महीने इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (IBC) बंद हुई और रेडियो संचालन का जिम्मा सरकार ने अपने हाथों में लिया। 23 जुलाई, 1927 को लॉर्ड इरविन द्वारा शुरू की गई IBC को अप्रैल, 1930 में ही बंद कर सरकार ने ‘इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विस’ (ISBS) की स्थापना की। यही ISBS 8 जून, 1936 को ‘ऑल इंडिया रेडियो’ (AIR) बना और 1956-57 में इसे ‘आकाशवाणी’ नाम दिया गया। आकाशवाणी की पूर्व डायरेक्टर सरस्वती खोलेकर कहती हैं कि दशकों तक सूचना, शिक्षा, मनोरंजन क्षेत्र में उपयोगिता साबित करने वाली आकाशवाणी आज भी देशवासियों की जिंदगी का अहम हिस्सा है।
FM की दुनिया का परचम । रेडियो की दुनिया में मील का पत्थर कहा जाने वाला ‘वर्जिन रेडियो’ 30 अप्रैल, 1993 को लॉन्च हुआ था। तब इसके प्रमुख डीजे क्रिस इवांस, रस्स विलियम्स, मिच जॉनसन, टॉमी वैंस, निक एबॉट थे। रिचर्ड ब्रैनसन की यह शुरुआत लंदन ही नहीं, दुनिया भर में सराही गई और INXS का रिकॉर्ड किया गीत ‘बॉर्न टू बी वाइल्ड’ खूब लोकप्रिय रहा। 30 अप्रैल, 2011 को यूनेस्को ने ‘जैज़ दिवस’ को मंजूरी दी, जिसका रेडियो प्रसारणों में खास महत्व है। शैलेश मालोदे के अनुसार, कर्मशल रेडियो की शुरुआत 1993 में हुई, जहां से प्राइवेट FM चैनल का उद् गम हुआ। AIR चरणबद्ध तरीके से एनालॉग से डिजिटल पर स्विच कर रहा है।

