पूरी अरावली को सहेजने के लिए 31 तक सुप्रीम कोर्ट में सौंपेंगे रिपोर्ट

नवभारतटाइम्स.कॉम
aravalli conservation high powered committee to submit report in supreme court by august 31
Chanderkant.Yadav @timesofindia.com

n फरीदाबाद : अरावली पर्वत श्रृंखला की परिभाषा तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित हाई पावर्ड कमिटी के सामने पर्यावरण से जुड़ी संस्थाओं और विशेषज्ञों ने अरावली को 100 फीसदी संरक्षित करने की जरूरत पर जोर दिया है। कमिटी के सामने फरीदाबाद समेत अरावली से जुड़े क्षेत्रों में पर्यावरणीय रूप से महत्वपूर्ण स्थानों, प्राकृतिक वनस्पतियों, जल स्रोतों और जंगलों को संरक्षण देने की मांग रखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अरावली की पहचान केवल पहाड़ियों की ऊंचाई के आधार पर तय नहीं की जा सकती। कमिटी अब विभिन्न पक्षों से मिले सुझावों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर 31 अगस्त तक सुप्रीम कोर्ट में सौंपेगी। हाई पावर्ड कमिटी के साथ वन विभाग के अधिकारियों की मीटिंग गुड़गांव में हुई थी। वहीं हरियाणा फॉरेस्ट के कंजरवेटर गुड़गांव डिविजन सुभाष यादव ने बताया कि अब हाई पावर्ड कमिटी विभिन्न संस्थाओं, पर्यावरणविदों और अन्य हितधारकों से मिले सुझावों का अध्ययन कर रही है। कमिटी को 31 तक रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करनी है।